ब्रेकिंग:मांझी का बयान,बिहार से पलायन मजदूरों का अपमान

 

आनंद । पटना(बिहार)।

हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम मांझी व पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बीएल वैश्यन्त्री साहब की गरिमामय उपस्थिति में रंजीत कुमार उर्फ रंजीत चंद्रवंशी ने हम पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम मांझी ने अपने आवास पर मिलन समारोह में रंजीत कुमार उर्फ रंजीत कुमार चंद्रवंशी राष्ट्रीय अति पिछड़ा वर्ग महासभा सह अखिल भारतीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को माला पहनाकर हम पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई।
रंजीत कुमार उर्फ रंजीत कुमार चंद्रवंशी ने अपने साथ सैकड़ों समर्थकों के साथ मिलन समारोह कार्यक्रम शामिल हुए।


इस मिलन समारोह में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीएल वैश्यन्त्री डॉक्टर महाचंद्र प्रसाद सिंह,अनिल कुमार,प्रदेश प्रवक्ता रामविलास प्रसाद,राजीव बलमा बिहारी,श्रीमती ज्योति सिंह,रामचंद्र राऊत,अनिल रजक,अमरेंद्र कुमार त्रिपाठी आदि नेता मौजूद थे।
रंजीत कुमार उर्फ रंजीत कुमार चंद्रवंशी के साथ हम की सदस्यता ग्रहण करने वाले में रंजीत कुमार चंद्रवंशी, सैयद अमानत हुसैन, राहुल कुमार, उमाशंकर प्रसाद, अजय कुमार चंद्रवंशी, पप्पू कुमार चंद्रवंशी रंजन कुमार चंद्रवंशी, अजीत कुमार चंद्रवंशी, एक्स आर्मी सतीश कुमार आदि शामिल हैं।

मांझी ने कहा कि रिटायर होने पर बड़ी संख्या में पेंशन दिया जाता है तो हमारे यहां के गरीब लोगों के लिए जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है मेरी चाहत थी कि उनको एक हजार रुपया मिलता क्या यह मेरी सोच गलत थी लेकिन अगर मेरी सरकार रहती तो मैं हर गरीब को जिनका उम्र 60 वर्ष होता चाहे वह किसी वर्ग से होते ₹1000 वृद्धा पेंशन मिलता रहता।मेरी सरकार अगर कुछ दिन और रहती तो 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले को ₹1000 का वृद्धा पेंशन मैं स्कीम लागू करता।आज 60 वर्ष से ऊपर के उम्र के लोगों को चाहे वह जिस वर्ग से होते उन्हें निश्चित तौर पर ₹1000 मिलता तो उनके घरों में खुशहाली दिखाई देती।


मांझी ने कहा कि मेरी सरकार 2015 तक रहती तो मैं सोचा था और मैं उसी और काम भी कर रहा था कि इस राज्य के हर गरीबों अपना घर हो मैं जमीन खरीद कर गरीबों के लिए घर बनाने के दिशा में काम कर रहा था अगर मेरी सरकार 2015 तक रहती तो निश्चित तौर पर आज बिहार के हर गरीबों का अपना घर होता।
मांझी ने किसानों के प्रति अपने दर्द को बयां करते हुए कहा कि मेरी सरकार की मंशा थी की 5 एकड़ जमीन वाले को मुफ्त बिजली मुहैया कराना अगर मेरी सरकार रहती तो आज 5 एकड़ जमीन वाले को बिजली मुफ्त मिलता और किसानों के घरों में खुशहाली रहती।
मांझी ने कहा कि आरक्षण दायरे को 49 से 59 किए जाने पर स्पष्ट किया कि जातीय गणना के आधार पर आरक्षण होना चाहिए चरणों के लिए हमने दिल्ली में सबसे पहले गरीब स्वर्ण आरक्षण की बात कही थी जिसे कुछ लोगों को नागवार गुजरा था लेकिन आज गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण दिया गया आरक्षण के दायरे को बढ़ाने की आवश्यकता है।
मांझी ने मिलन समारोह के अवसर पर कहा कि बिहार में एस्टीमेट घोटाले का दौर चल रहा है म्यूजियम पर होने वाला खर्च का जो स्टीमेट का आज कहां से कहां चला गया गरीबों का पैसा का बंदरबांट हो रहा है आज लोग बिहार से बाहर जा रहे हैं ।


मांझी ने गरीब मजदूरों के परिवारों के प्रति अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में अगर समुचित संसाधन और रोजगार मुहैया होता तो आज बिहार से लोग दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करते राज्य सरकार बड़े-बड़े भवनों पर खर्चा कर रही है लेकिन बेरोजगारी दूर करने के लिए सही मायने में राज्य सरकार की चिंता दिखाई नहीं दे रही ।जिसके चलते मांझी ने विलेन समारोह के अवसर पर विहार से बाहर जा रहे मजदूरों और उनके परिवारों के प्रति अपनी चिंता वेट करते हुए कहा कि राज में अगर समुचित संसाधन अधिकार मुखिया होता तो आज बिहार से लोग दूसरे राज्यों में चलाएं नहीं करते राज सरकार बड़े-बड़े भवन पर आवश्यकता से अधिक खर्चा कर रही है लेकिन बेरोजगारी दूर करने के लिए सही मायने में राज सरकार की चिंता दिखाई नहीं दे रही चलते लोग राज्य से बाहर लाइन कर रहे हैं चिंता का विषय है।

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