जानिए,रहस्य!परमात्मा कौन?

 

संवाददाता।बंदरा (मुजफ्फरपुर) ।

प्रखंड क्षेत्र के बरियारपुर मोहनपुर स्थित शिवशक्ति धाम मंदिर  के प्रांगण में धर्मादा कमिटी द्वारा आयोजित राम कथा के तीसरे दिन अयोध्या से आए रामचरितमानस मर्मज्ञ नारायणी तिवारी ने भक्तों को बताया की जो अपनी सत्ता को छोड़कर भक्तों के हितार्थ संतो के रक्षार्थ पृथ्वी पर आता है। उसे परमात्मा कहते हैं। अगर मानव भगवान राम के आदर्श पर चले तो निसंदेह ही पृथ्वी से दुराचार, भ्रष्टाचार समाप्त हो जाएगा और पृथ्वी पर हर जगह अयोध्या की स्थापना होगी। अयोध्या का अर्थ ही होता है।

युद्ध जहां न होता हो वही अयोध्या है। यह तभी संभव होगा जब हम रामचरित मानस का आह्वान करेंगे।राम चरितमानस में वर्णित शिव विवाह का बहुत ही रोचक वर्णन नारायणी जी  ने आज मंच से किया शिव के श्रृंगार से लेकर उनके नंदी पर उल्टा बैठने तक के प्रत्येक अंश की पूज्या तिवारी ने व्याख्या करके मर्म समझाया । कई जगह श्रोताओं को खूब हँसाया जब “शिव तांडव नाचे” की धुन चली तो पूरे माहौल को शिवमय कर दिया कथा के माध्यम से उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विश्वास को जीवन मे धारण करने के लिए शिव विवाह परम आवश्यक है।

भोलेनाथ के विवाह मे सम्मलित होने वाली सभी वस्तुओं से हमे शिक्षा मिलती है। भगवान शिव शरीर मे हल्दी की जगह भस्म लगाया शास्त्र कहता है । हल्दी काम विहिक है। भोलेनाथ अपने विवाह मे ऐसे किसी भी विषय वस्तु को सम्मलित नही किया जो काम को बढ़ावा देता है मौके पर कमिटी अध्यक्ष विमल कुमार सिंह, उपाध्यक्ष कौशल किशोर ठाकुर, मुख्य यजमान डा विश्वजीत कुमार सिंह, रामजीवन सिंह, अजीत शरण, मुनचुन ठाकुर, सीताराम सिंह, गंधीर झा, नारायण गिरी, कुंदन ठाकुर, बैजू झा, रमेश ठाकुर, अमरनाथ गिरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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