पुण्यतिथि पर बोले डॉ महाचंद्र प्रसाद,सामाजिक न्याय के प्रतिमूर्ति थे डॉ श्री कृष्ण सिंह

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ब्यूरो ।पटना (बिहार)।

बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री बिहार केशरी डॉ० श्री कृष्ण सिंह की 58वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कौटिल्य नगर स्थित माननीय पूर्व मंत्री डॉ० महाचन्द्र प्रसाद सिंह के आवासीय परिसर में आयोजित श्रधांजलि सभा में श्रीबाबू को भावभीनी श्रधांजलि अर्पित की गई। श्रधांजलि सभा को संबोधित करते हुए डॉ० सिंह ने कहा कि श्री बाबु एक महान स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान राजनेता, युग पुरुष, संसदीय लोकतंत्र के शिल्पी के साथ– साथ अखड़ बिहारी एवं कट्टर राष्ट्रभक्त थे।आज ही दिन 31 जनबरी 1961 ई० को श्री बाबु का असामयिक निधन हुआ हुआ था।

आधुनिक बिहार के निर्माता श्री बाबू अगर कुछ दिन और जीवित रहते तो बिहार विकास के मामले में देश का अग्रणी राज्यों में सामिल होता।श्री बाबू के रोम-रोम में देशभक्ति भरा था वो एक अदम्य साहसी व्यक्ति थे।जिसका प्रमाण है कि 1906 ई० में अपने छात्र जीवन में ही उन्होंने मुंगेर के कष्टहरणी घाट पर एक हाथ में कृपाल और एक हाथ में गीता लेकर अपने गुरु के सामने गंगा में खड़ा हो कर सपथ लिया था कि जबतक भारत माता को अग्रेजों के चंगुल से आजाद नहीं करा लेंगे तबतक चैन से नहीं बैठेंगे।

कट्टर देशभक्त के साथ-साथ श्रीबाबू साम्प्रदायिक सद्भाव एवं सामाजिक न्याय के भी प्रतिक थे।उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही सबसे पहले समाज के सबसे निचले पायदान के व्यक्तियों के उत्थान के लिए जमींदारी प्रथा का उन्मूलन किया, दलित समुदाय को लेकर देवघर मंदिर में प्रवेश किया एवं महात्मा गाँधी के पंचायती राज के सपने को साकार किया।श्रधांजलि सभा में हम(से०) नेता उपेन्द्र सिंह, अजय कुमार, संजय सिंह, अंजनी पटेल, संजीव पासवान, दिपक कुमार हम(से०) के मिडिया प्रभारी अमरेन्द्र त्रिपाठी सहित दर्जनों गण्यमान्य लोगों ने श्रीबाबू को श्रद्धान्जली अर्पित किया।

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