-1 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक चलेगा संसद का शीतकालीन सत्र — हंगामे के आसार, कई अहम बिल होंगे पेश
-1 से 19 दिसम्बर तक चलेगा संसद का शीतकालीन सत्र — सरकार-विपक्ष में टकराव तय
-129वां और 130वां संशोधन बिल केंद्र की प्राथमिकता में, विपक्ष SIR पर करेगा हंगामा
-संसद का छोटा लेकिन अहम सत्र — 19 दिनों में बड़े फैसलों की तैयारी
नई दिल्ली।एजेंसी।
बिहार विधानसभा चुनावी सरगर्मी के बीच अब संसद की राजनीति भी गरमाने जा रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के शीतकालीन सत्र के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सत्र 1 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक चलेगा। रिजीजू ने उम्मीद जताई कि यह सत्र रचनात्मक, सार्थक और लोकतंत्र को मजबूत करने वाला साबित होगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह शीतकालीन सत्र हंगामेदार रहेगा। विपक्ष जहां SIR (Special Investigation Report) और “वोट चोरी” जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं केंद्र सरकार संविधान में 129वां और 130वां संशोधन, जन विश्वास बिल और इन्सोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बिल जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करवाने की कोशिश करेगी।

बताया जा रहा है कि यह सत्र अपेक्षाकृत छोटा होगा — केवल 19 दिनों का। इससे पहले वर्ष 2013 में भी 14 दिनों का सत्र चला था जिसमें 11 बैठकें हुई थीं। संसदीय सूत्रों के अनुसार, सरकार चाहती है कि सीमित अवधि में भी अधिकतम विधायी कार्य पूरे किए जाएं।
हालांकि, पिछले मॉनसून सत्र की तरह ही विपक्षी INDIA ब्लॉक इस बार भी SIR मामले पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की योजना में है। बिहार चुनावी माहौल के कारण सदन में राजनीतिक बहस और भी तीखी रहने की उम्मीद है।
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