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सूखी धरती पर किसान का संकल्प: बारिश नहीं, फिर भी मशीन से खेत पटाकर धान रोपाई में जुटे किसान

-सूखी धरती पर किसान का संकल्प: बारिश नहीं, फिर भी मशीन से खेत पटाकर धान रोपाई में जुटे किसान

मुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक कुमार तिवारी।

जिले में इस वर्ष मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर बन्दरा प्रखंड के पूर्वी बॉर्डर पर स्थित सकरी मन कोठी एवं आसपास के गांव की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जहां एक ओर तेज धूप और उमसभरी गर्मी से आम लोग बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर खेतों में पानी न गिरने से धान की रोपाई पर संकट मंडराने लगा है।

रविवार दोपहर से पहले की इस तस्वीर ने कृषि संकट के बीच किसानों के हौसले को उजागर किया। सकरी मन कोठी के किसान अपने स्तर पर निजी सिंचाई मशीनों से खेतों में पानी भर कर बिचड़े की रोपाई में जुटे दिखे। यह क्षेत्र धान की अगात और पिछात दोनों किस्मों की फसल के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार पानी की भारी किल्लत के चलते किसान स्वयं के सिंचाई संसाधनों से खेत तैयार कर रहे हैं।

तालाब, पोखर और नहरें सूख चुकी हैं। जलस्रोतों के अभाव में खेतों को तैयार करना किसी चुनौती से कम नहीं है। बावजूद इसके किसानों का हौसला कम नहीं हुआ है। वे मशीनों से खेतों को पटाकर धान की रोपाई में जुटे हैं।

स्थानीय किसान बताते हैं कि अगर समय पर रोपनी नहीं हुई, तो फसल का समय चूक जाएगा और भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यही कारण है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद वे खेती को छोड़ नहीं रहे। यह उनके जीवटता और धरती से प्रेम का परिचायक है।

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