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सीतामढ़ी में चचरी पुल के बह जाने से बच्चे और ग्रामीण परेशान,नदी पार कर जाते हैं स्कूल

सीतामढ़ी में चचरी पुल के बह जाने से बच्चे और ग्रामीण परेशान,नदी पार कर जाते हैं स्कूल

संवाददाता। सीतामढ़ी।

नेपाल के तराई क्षेत्रों में इन दिनों बारिश से राहत है। यानी न के बराबर बारिश हो रही है। इससे नेपाल से सटे सीतामढ़ी जिले की नदियों का जलस्तर काफी कम हो गया है। सभी नदियों का जलस्तर नीचे है। बाढ़ का फिलहाल कोई खतरा नहीं है। इधर, सोनबरसा प्रखंड से गुजरने वाली झीम नदी में भले ही पानी काफी कम है, लेकिन परेशानी पहले की तरह बनी हुई है

प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को पैदल नदी में उतरकर उस पार जाना पड़ता है।
झीम नदी पर आरसीसी पुल निर्माणाधीन है। बगल में बने अप्रोच पथ पानी के तेज दवाब से टूट चुका है। इस वजह से दो दर्जन गांवों क्रमश: बसतपुर, जमुनिया, मुशहरनिया, जहदी, हरिहरपुर, विश्रामपुर, लक्ष्मीपुर, छोटी मयूरवा, दक्षिणी मयुरवा, चक्की, पररिया, पुरन्दाहा राजबाड़ा, वीरता, मुशहरनिया, दलकावा, पकरिया, बकचौरा, पटेरवा, लालबंदी दरबार, जानकी नगर सहित परिहार प्रखंड के राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। पुल के संवेदक द्वारा डायवर्सन में दो बार चचरी पुल निर्माण कराया गया था, जो तेज पानी से बह चुका है। फिर चचरी पुल का निर्माण नहीं कराया जा सका।
क्षेत्र के लोगों को नदी के पानी को पैदल पार कर आना जाना पड़ रहा है। लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को हो रही है, जो नदी में पानी हेलकर आते-जाते है। इससे खतरा भी बना रहता है। दर्जन भर गांवों के सैकड़ों लोगों को प्रतिदिन सोनबरसा प्रखंड मुख्यालय किसी न किसी काम से आना जाना रहता है। लोग बाजार भी आते है। इन सभी को नदी पार कर ही आना-जाना पड़ता है।