-“समय को समय पर, पहचानिए हुजूर” के संदेश संग संपन्न हुई कवि गोष्ठी सह मुशायरा
मुजफ्फरपुर। नवयुवक समिति ट्रस्ट, छोटी सरैयागंज रोड स्थित सभागार में रविवार को श्री नटवर साहित्य परिषद के तत्वाधान में मासिक कवि गोष्ठी सह मुशायरा का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि प्रमोद नारायण मिश्र ने की, जबकि संचालन सुमन कुमार मिश्र ने अपने विशिष्ट अंदाज़ में किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य जानकीबल्लभ शास्त्री की रचना से हुआ, जिसकी मनमोहक प्रस्तुति अशोक भारती ने दी। इसके बाद एक के बाद एक प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से सभागार में उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वरिष्ठ कवि डॉ. हरिकिशोर प्रसाद सिंह ने “बसंत आ गया खिली, फूलों की कली” प्रस्तुत कर वसंत की छटा बिखेरी। वहीं, हास्य कवि डॉ. जगदीश शर्मा की व्यंग्य रचना “समिति के प्रांगण में उड़ती धूल से, शहर हांफ रहा है” ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।

कवि सुमन कुमार मिश्र की रचना “व्यर्थ की चिंता क्या करना, साथ कुछ नहीं जाएगा…” और कवि ओमप्रकाश गुप्ता की प्रभावशाली पंक्तियाँ “समय को समय पर, पहचानिए हुजूर” को श्रोताओं ने विशेष रूप से सराहा।
भोजपुरी के वरिष्ठ कवि सतेंद्र कुमार सत्येन ने “गोकुल के तजी श्याम, कहां जात बानी” सुनाकर भोजपुरिया रंग बिखेरा। अध्यक्षता कर रहे कवि प्रमोद नारायण मिश्र ने अपनी भावपूर्ण पंक्तियाँ “आज कहने दो पर ना कह पाएंगे, होके तुमसे जुदा ना रह पाएंगे…” से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
इसके अलावा शशि रंजन वर्मा, अंजनी कुमार पाठक, अरुण कुमार तुलसी, रामबृक्ष राम चकपुरी तथा अशोक भारती की रचनाएँ भी खूब वाहवाही बटोरती रहीं।
कार्यक्रम में रमेश कुमार केजरीवाल, पुरुषोत्तम पोद्दार, प्रो. श्री प्रकाश, जितेंद्र विद्यालंकार, सुरेंद्र कुमार सहित भारी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
अंत में प्रमुख समाजसेवी मोहन सिन्हा ने सभी आगत कवियों एवं श्रोताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। अध्यक्ष के आदेश से अगली मासिक गोष्ठी तक कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।







