-श्रीमद् भागवत कथा का छठा दिन : श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने भक्तों को किया आनंदित
बंदरा (मुजफ्फरपुर)। दीपक।घोसरामा ब्रह्मस्थान परिसर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भव्य वर्णन किया गया। विवाह की आकर्षक झांकी और भक्तिमय वातावरण ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पूरे परिसर में भजन-कीर्तन और जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
कथा प्रारंभ होने से पूर्व आचार्यों द्वारा यजमान नवीन कुमार, अरुण ठाकुर, मनीष तिवारी, आनंद मोहन, अरुणा कुमारी एवं शंकर ठाकुर से विधिवत व्यास पूजन कराया गया। वहीं बंदरा के अंचलाधिकारी अंकुर राय ने भी व्यासपीठ से आशीर्वाद प्राप्त कर कथा श्रवण किया।

कथावाचिका चंचला दीदी ने कहा कि जो भक्त सच्चे मन से ईश्वर प्रेम में डूबकर श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का श्रवण करते हैं, उनकी सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। उन्होंने महारास लीला, मथुरा गमन, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में शिक्षा, उद्धव-गोपी संवाद और रासलीला सहित कई प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।
कार्यक्रम में संजीव कुमार, राजीव कुमार, चंदन कुमार, राजन कुमार, गौरव कुमार, आदर्श झा, शुभम कुमार, दीपक कुमार, राहुल कुमार, सुंदरम सिंह, निखिल झा, गोलू झा, आदित्य झा, छोटन झा, सत्यम सिंह सहित सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा स्थल पर देर शाम तक भक्ति की धारा प्रवाहित होती रही।











