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शीतलहर और कड़ाके की ठंड से फसलों की बढ़वार प्रभावित, किसान चिंतित

-शीतलहर और कड़ाके की ठंड से फसलों की बढ़वार प्रभावित, किसान चिंतित

मुजफ्फरपुर/बन्दरा।दीपक।
नए साल की शुरुआत में 1 जनवरी को दिन में धूप खिलने से लोगों को राहत मिली थी, लेकिन 2 जनवरी से क्षेत्र एक बार फिर शीतलहर और हाड़तोड़ ठंड की चपेट में आ गया है। बीते करीब 15 दिनों से नियमित धूप नहीं निकलने के कारण गेहूं सहित समसामयिक फसलों के अनुकूल विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ठंड और मुंह से भाप निकलने जैसी स्थिति गेहूं की बढ़वार के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन इसके साथ दिन में धूप का निकलना भी अत्यंत आवश्यक होता है। सुबह, शाम और रात की तीव्र ठंड के बाद यदि दिन में धूप न मिले तो फसलों की वृद्धि प्रभावित होती है।


स्थानीय किसान अनिल कुमार, राम प्रवेश ठाकुर और अभनिष ठाकुर का कहना है कि अत्यधिक ठंड के कारण किसान और मजदूर नियमित रूप से खेतों में जाकर फसलों की देखभाल नहीं कर पा रहे हैं। उनका मानना है कि इस बार ठंड की प्रकृति में कुछ प्रतिकूल बदलाव देखने को मिल रहा है, जो फसलों के लिए अनुकूल नहीं है।
वहीं किसान सलाहकार अनिल कुमार और शशिभूषण कुमार ने बताया कि फिलहाल गेहूं, आलू सहित समसामयिक फसलों पर किसानों को नियमित निगरानी और देखभाल जारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक पाला पड़ने जैसी स्थिति नहीं बनी है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
कुल मिलाकर लगातार ठंड और धूप की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं मौसम में सुधार की उम्मीद में किसान खेती-किसानी पर नजर बनाए हुए हैं।