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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ PHED विभाग का पदभार संभाले मंत्री संजय सिंह, कहा—‘कुर्सी नहीं, सेवा का संकल्प’

-वैदिक मंत्रोच्चार के साथ PHED विभाग का पदभार संभाले मंत्री संजय सिंह, कहा—‘कुर्सी नहीं, सेवा का संकल्प’

पटना।ब्यूरो।

राजधानी की सियासत में मंगलवार का दिन परंपरा और सत्ता के अनोखे संगम के रूप में दर्ज हो गया। लोजपा (रामविलास) के विधायक संजय सिंह ने पीएचईडी (लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग) का प्रभार वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच संभाला। पदग्रहण समारोह का वातावरण पूरी तरह धार्मिक और संस्कारिक था, मानो यह सिर्फ प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि जनता की सेवा का पवित्र संकल्प हो।

समारोह के दौरान मंत्री की कुर्सी और टेबल की आरती उतारी गई, जिसे नई शुरुआत और स्वच्छ नीयत के प्रतीक के रूप में देखा गया। पदभार ग्रहण करते ही संजय सिंह ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ कुर्सी संभालना नहीं है, बल्कि विकास को जमीन पर उतारना है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस:

मंत्री ने विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा—
“भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होगी और विभाग में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हुकूमत की पाकीज़गी तभी कायम होगी जब व्यवस्था बेदाग हो।”

‘हर घर नल का जल’ मिशन को मिलेगी रफ्तार:

पीएचईडी मंत्री के रूप में अपनी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि हर घर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता उनका प्रमुख लक्ष्य है। यह केवल एक योजना नहीं बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे और मजबूती व तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि जल्द ही विभाग की कार्यशैली में बड़े बदलाव दिखेंगे। निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा और विशेष ध्यान उन क्षेत्रों पर रहेगा जहां अब भी लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा।
“हमारी कोशिश होगी कि कोई भी घर, कोई भी मोहल्ला पानी की किल्लत का शिकार न रहे,” उन्होंने कहा।

जनता की उम्मीदों पर टिकी निगाहें:

पटना के राजनीतिक माहौल में यह संदेश स्पष्ट गूंजा—नई कुर्सी, नई उम्मीद और नई करनी। अब नजरें इस बात पर हैं कि ‘वज़ीर-ए-पानी’ कहे जाने वाले संजय सिंह अपने वादों को कितनी गति से जमीनी रूप दे पाते हैं।