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रेल यात्रियों के दम पर बना ‘राजा’

-रेल यात्रियों के दम पर बना ‘राजा’

-भांजा पकड़ाया तो खुला मामा का ‘राज’
-अब आरपीएफ ने बिहार पुलिस को सौंपी जांच

ब्यूरो।पटना।

आरपीएफ को पटना जंक्शन पर बड़ी कामयाबी मिली है। रेल पुलिस ने तीन चोरों को धर दबोचा है। ये चोर रेल यात्रियों को निशाना बनाते थे। इनके पास से चोरी का सामान भी मिला है, जिसकी कीमत लगभग साढ़े तीन लाख रुपये है। हालांकि गिरोह के दो सदस्य भाग निकले, जिनमें एक सरगना का मामा भी शामिल है। फिलहाल फरार चोरों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस छापेमारी कर रही है।
दरअसल, पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर रेल पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पांच संदिग्ध लोगों को कंधे पर बैग लिए जाते देखा गया। पुलिस को देखकर ये लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा करके तीन लोगों को पकड़ लिया, जबकि दो फरार हो गए। पकड़े गए चोरों में वैशाली जिले के छोटी मरैया निवासी आनंद कुमार ( 46 ), चिंटू कुमार (25) और गुलजारबाग निवासी प्रमोद कुमार (30 ) शामिल हैं। भागने वालों में प्रमोद कुमार का मामा संतोष सोनी और कल्लू चूरामन हैं। संतोष सोनी गौरीचक का रहने वाला है, जबकि कल्लू चूरामन आलमगंज का निवासी है।


पूछताछ में चोरों ने बताया कि वे पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर, पटना साहिब, दानापुर, आरा, बक्सर और अन्य रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों से चोरी करते थे। ये यात्रियों के पैसे, मोबाइल और गहने चुरा लेते थे। चोरों ने बिहारशरीफ में 16 लाख रुपये की चोरी की बात भी कबूल की है। आनंद कुमार को 1993 में पटना जंक्शन पर एक लूट के मामले में पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। यह गिरोह मामा-भांजे के रिश्ते पर आधारित है, जिसमें संतोष सोनी मुख्य सरगना है।
पकड़े गए चोरों के पास से मोबाइल, चांदी के सिक्के, चांदी की पायल, सोने की कनबाली, कलाई घड़ी, बिछिया, अंगूठी और नकद रुपये बरामद हुए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत लगभग 3.5 लाख रुपये आंकी गई है। फरार संतोष सोनी ने चोरी के पैसों से गौरीचक में एक आलीशान मकान बनाया है। इतना ही नहीं, उसकी एक ज्वेलरी की दुकान भी है। रेल पुलिस अधीक्षक एसएस ठाकुर ने बताया कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। फिलहाल बिहार पुलिस को जांच के लिए कहा गया है।