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रिश्तों की आड़ में साजिश: शादी, धोखा और साजिशी खेल का सनसनीखेज खुलासा

-रिश्तों की आड़ में साजिश: शादी, धोखा और साजिशी खेल का सनसनीखेज खुलासा

दीपक कुमार | झांसी।

“घर का भेदी लंका ढाए” कहावत को चरितार्थ करता एक चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के नया गांव इलाके से सामने आया है, जहां रिश्तेदारी की आड़ में एक बुजुर्ग के साथ कथित तौर पर सुनियोजित धोखाधड़ी और साजिश रची गई।
जानकारी के अनुसार, पत्नी की मौत के बाद रामजी नामक बुजुर्ग अपनी मां के साथ सादा जीवन व्यतीत कर रहे थे। इसी बीच उनके रिश्तेदार उमेश अहिरवार ने हमदर्दी दिखाते हुए रश्मि नाम की एक महिला से उनका रिश्ता करवाया। महिला को पीड़ित और बेसहारा बताकर शादी कराई गई, लेकिन बाद में पूरा मामला साजिश का रूप लेता नजर आया।
शादी के बाद महिला का व्यवहार संदिग्ध बना रहा। वह अक्सर घंटों फोन पर व्यस्त रहती थी और पारिवारिक जिम्मेदारियों से दूरी बनाए रखती थी। बुजुर्ग को शक हुआ, लेकिन सामाजिक मर्यादा के चलते उन्होंने चुप्पी साधे रखी।
मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ जब महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

जांच में सामने आया कि महिला करीब ढाई महीने की गर्भवती है और गर्भ में पल रहा बच्चा रामजी का नहीं, बल्कि कथित तौर पर उसी रिश्तेदार उमेश का है। आरोप है कि बाद में अस्पताल में फर्जी हस्ताक्षर कर गर्भपात भी कराया गया।
जब रामजी ने इस पूरे घटनाक्रम पर आपत्ति जताई, तो मामला और उलझ गया। आरोप है कि महिला और उसके सहयोगियों ने उल्टा रामजी पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। डर के कारण रामजी अपनी बुजुर्ग मां के साथ घर छोड़ने को मजबूर हो गए।
इसी दौरान, उनकी गैरमौजूदगी में कथित पत्नी अपने साथियों के साथ घर पहुंची, ताला तोड़कर घर में घुसी और सोने-चांदी के जेवर समेत करीब एक लाख रुपये नकद लेकर चली गई। इसके अलावा अब रामजी पर पांच लाख रुपये और जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है, साथ ही झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
यह मामला न सिर्फ एक व्यक्ति के साथ हुए कथित धोखे की कहानी है, बल्कि रिश्तों के नाम पर पनप रही साजिशों की गंभीर तस्वीर भी पेश करता है। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है और पीड़ित द्वारा न्याय की गुहार लगाई जा रही है।