–राजापाकर के हरिहरपुर विज्ञान केंद्र में मशरूम उत्पादन पर 10 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
-किसानों-महिलाओं को स्वरोजगार का मिलेगा अवसर
राजापाकर – संजय श्रीवास्तव। वैशाली जिले के हरिहरपुर स्थित विज्ञान केंद्र परिसर में मशरूम उत्पादक विषय पर 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर किया।
इस अवसर पर डॉ. पी.पी. सिंह (अध्यक्ष, टीसीए ढोली), डॉ. विपिन कुमार (प्रक्षेत्र प्रमुख, पूसा), डॉ. एस.के. ठाकुर (प्रभारी, बीआरसी गोरौल), डॉ. अनीश पांडा (सहायक प्रोफेसर, उद्यान), अमित कुमार (सहायक नियंत्रक, डीओईई) एवं डॉ. अनिल कुमार सिंह (वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान) मौजूद रहे। प्रशिक्षण का संचालन डॉ. कविता वर्मा, वैज्ञानिक (गृह विज्ञान) द्वारा किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तरीके से सब्सट्रेट तैयारी, स्टेरिलाइजेशन, स्पॉनिंग, तापमान-आर्द्रता प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण, कटाई उपरांत प्रबंधन, ग्रेडिंग, सफाई और भंडारण की जानकारी दी जा रही है।
इसके अलावा मशरूम से पाउडर, सूप मिक्स, अचार, पापड़, नगेट्स, बिस्किट व पास्ता जैसे उत्पाद बनाने की विधि भी सिखाई जा रही है। लागत-लाभ विश्लेषण, विपणन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर विशेष मार्गदर्शन देकर प्रतिभागियों को उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों ने बताया कि धान का पुआल, भूसा व आरा-चूरा जैसे कृषि अपशिष्ट का उपयोग कर मशरूम उत्पादन से कम लागत में अधिक आय अर्जित की जा सकती है, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और सालभर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में इशिता सिंह, ऋचा श्रीवास्तव, रवि कुमार, रमाकांत, रवि रंजन, सोनू, दीपक कुमार एवं मोहित सहित अन्य सहयोगियों का अहम योगदान रहा।












