–रतवारा–ढोली घाट पुल निर्माण पर सदन में गूंजा मुद्दा, सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल, क्षेत्र में खुशी
बंदरा/मुजफ्फरपुर।दीपक।
तिरहुत क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित रतवारा–ढोली घाट पुल निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों की पहल अब रंग लाने लगी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर बिहार विधान परिषद एवं बिहार विधान सभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार से जवाब तलब किया गया, जिसके बाद क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी तथा गायघाट की विधायिका कोमल सिंह ने अपने-अपने सदन में पुल निर्माण कार्य शुरू करने की समयसीमा को लेकर सरकार से सवाल किया।
इस पर ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि रतवारा–ढोली घाट पुल का निर्माण जिला संचालन समिति की सूची संख्या–3 में शामिल है तथा इसे प्राथमिकता के आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए रखा गया है।

सरकार के इस आश्वासन के बाद बंदरा एवं मुरौल प्रखंड के लोगों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि दशकों से लंबित इस पुल के निर्माण से आवागमन की बड़ी समस्या दूर होगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
रतवारा–ढोली घाट पुल बनाओ आंदोलन के संयोजक श्याम किशोर ने जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस पुल के बनने से मिथिलांचल का संपर्क सीधे सड़क मार्ग से राजधानी पटना तक सुलभ होगा। साथ ही रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर जुड़ाव मिलने से व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही ठोस कार्रवाई कर पुल निर्माण कार्य प्रारंभ करेगी, जिससे वर्षों पुराना सपना साकार हो सके।












