-मुज़फ्फरपुर में बुलडोज़र एक्शन शुरू: नई सरकार का सख़्त संदेश—अतिक्रमण पर अब कोई राहत नहीं
मुज़फ्फरपुर। बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही राजनीतिक माहौल में एक नया तेवर और सख़्त कार्यशैली साफ़ दिखने लगी है। सत्ता संभालते ही प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध कब्ज़ा, अतिक्रमण और नियम-क़ानून को चुनौती देने वालों पर अब किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इसी दिशा में मुज़फ्फरपुर में जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बुलडोज़र कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसका शहर में बड़ा असर दिखाई दे रहा है।
शहर की मुख्य सड़कों, बाज़ारों और तंग गलियों में वर्षों से जमाए गए अतिक्रमण ने शहर की रफ़्तार रोक रखी थी। सड़क किनारे दुकानों का फैलाव, ठेला-खोमचा वालों की मनमानी और अवैध निर्माणों के कारण ट्रैफिक जाम मुज़फ्फरपुर की पहचान बन गया था। स्थिति यह थी कि सौ मीटर की दूरी तय करने में भी वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते थे। लेकिन नई सरकार के बाद जिला प्रशासन ने अभियान तेज़ कर सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने का संकल्प दिखाया है।

ज़िलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि शहर में जाम की सबसे बड़ी वजह अवैध कब्ज़े हैं। कई महत्वपूर्ण मार्ग अतिक्रमण के कारण इतने संकरे हो गए थे कि चलना मुश्किल हो चुका था। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने पहले नोटिस देकर चेतावनी दी, समय सीमा दी गई, लेकिन जब लोग नहीं माने तो बुलडोज़र कार्रवाई की शुरुआत करनी पड़ी।
प्रशासन का कहना है कि यह एक दिन का दिखावटी अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली कार्रवाई है। जहाँ भी अवैध निर्माण या सड़क पर कब्ज़ा मिलेगा, बिना किसी दबाव और भेदभाव के बुलडोज़र की कार्यवाही की जाएगी। इस मिशन का उद्देश्य शहर को जाम से मुक्ति दिलाना, आवाजाही को सुगम बनाना और सार्वजनिक स्थानों को साफ़ व व्यवस्थित करना है।
नई सरकार की कठोर नीति के इस पहले बड़े कदम से जनता में उम्मीद पैदा हुई है। लोग चाहते हैं कि यह अभियान केवल शुरुआत न बनकर लंबे समय तक जारी रहे, ताकि मुज़फ्फरपुर फिर से स्वच्छ, स्मार्ट और सुव्यवस्थित शहर की पहचान हासिल कर सके।












