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मुजफ्फरपुर में अनोखा फैसला: चोरी-छिपे चल रहे प्रेम संबंध पर ग्रामीणों ने कराई शादी, समाज बना जज और बराती

-मुजफ्फरपुर में अनोखा फैसला: चोरी-छिपे चल रहे प्रेम संबंध पर ग्रामीणों ने कराई शादी, समाज बना जज और बराती

मुजफ्फरपुर। कांटी थाना क्षेत्र का मामला है।
दो बच्चों की मां सुरुचि कुमारी और युवक दीपक चौरसिया के बीच चल रहा प्रेम संबंध उस समय सुर्खियों में आ गया, जब रविवार को ग्रामीणों ने दोनों को मिलते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आमतौर पर ऐसे मामलों में हंगामा, शिकायत या पंचायत से सज़ा की उम्मीद होती है, लेकिन नरसंडा गांव में नज़ारा बिल्कुल अलग था। ग्रामीणों ने न तो मारपीट की और न ही अपमानित किया—बल्कि प्रेमियों के भविष्य पर समाज की मुहर लगाते हुए दोनों की शादी करवा दी।

घटना राम-जानकी मंदिर, सरमसपुर की है, जहां पूरे गांव की उपस्थिति में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह सम्पन्न कराया गया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि प्रेम सच्चा है, तो समाज को उसका सम्मान करना चाहिए। इसलिए आरोप लगाने के बजाय समाधान का रास्ता चुना गया।

शादी के बाद दूल्हा बने दीपक चौरसिया ने मुस्कुराते हुए कहा—
“सब दैविक कृपा है। शादी हो गई और मैं बहुत खुश हूं, अब अपनी पत्नी को लेकर घर जा रहा हूं।”

वहीं दुल्हन सुरुचि कुमारी, जो पहले से दो बच्चों की मां हैं, ने कहा—
“हम दोनों गांव के ही हैं, जान-पहचान हुई और प्यार हो गया। आज समाज ने हमारी शादी करवा दी, हम बेहद खुश हैं।”

ग्रामीणों के इस फैसले की आसपास के इलाकों में चर्चा हो रही है। लोग कह रहे हैं कि यह मामला एक अनोखे ग्रामीण न्याय मॉडल का उदाहरण है, जहां झगड़े की जगह समाधान और सम्मति को प्राथमिकता दी गई। यह वही गांव है, जहां अक्सर पंचायतें कठोर फैसलों के लिए जानी जाती हैं, मगर यहां प्यार की जीत हुई।

इस घटना ने एक बार फिर यह सच सामने रख दिया है—
“प्रेम अपराध नहीं है, लेकिन पकड़े जाने पर उसका फैसला समाज की अदालत ही करती है।”

मुजफ्फरपुर की यह कहानी फिल्मों जैसी लगती है, लेकिन यह यथार्थ है, जहाँ गाँव ने नफरत नहीं, बल्कि दिलदारी का रास्ता चुना।