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मुजफ्फरपुर के कीर्तिशेष साहित्यकारों पर बनेगा स्मृति ग्रंथ, जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन की अहम पहल

-मुजफ्फरपुर के कीर्तिशेष साहित्यकारों पर बनेगा स्मृति ग्रंथ, जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन की अहम पहल

मुजफ्फरपुर:जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन, मुजफ्फरपुर की नई कार्यकारिणी की प्रथम बैठक बैंकर्स कॉलोनी वेला स्थित वित्त मंत्री उत्तम कुमार के आवास पर चित्तरंजन सिन्हा ‘कनक’ की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में शहर के साहित्यिक विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सम्मेलन के प्रधानमंत्री साहित्य मार्तण्ड उदय नारायण सिंह ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए बताया कि मुजफ्फरपुर के कीर्तिशेष साहित्यकारों पर एक स्मृति ग्रंथ प्रकाशित किया जाएगा। इस ग्रंथ के प्रबंध संपादक डॉ. महेन्द्र poll मधुकर होंगे। साथ ही सम्मेलन की पत्रिका “साकल्य” का भी kha प्रकाशन किया जाएगा, जिसके लिए साहित्यकारों से रचनाएं आमंत्रित की गई हैं।
अध्यक्षीय संबोधन में चित्तरंजन सिन्हा ‘कनक’ ने कहा कि सम्मेलन को मजबूत बनाना ही मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था का उद्देश्य धनाढ्यों के बजाय विद्वानों को जोड़ना है, ताकि साहित्यिक परिवार समाज को दिशा दे सके।
डॉ. विनोद कुमार सिन्हा ने सम्मेलन के बढ़ते प्रभाव की सराहना की, वहीं साहित्य मंत्री डॉ. प्रियंवद ने सदस्य बनकर गर्व महसूस करने की बात कही। देवेन्द्र कुमार, डॉ. हरि किशोर प्रसाद सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्मेलन के कार्यों की सराहना करते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


बैठक में प्रेम कुमार वर्मा, डॉ. लोकनाथ मिश्र, डॉ. बीरेन्द्र कुमार मल्लिक, रमेश प्रसाद श्रीवास्तव, मधुमंगल ठाकुर, उमानाथ सिंह, उमाशंकर प्रसाद चौरसिया, डॉ. उषा किरण एवं देवेन्द्र प्रसाद शर्मा ने भी अपने विचार रखे और संगठन की मजबूती पर जोर दिया।
अंत में वित्त मंत्री उत्तम कुमार ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक का समापन साहित्यकार एवं समाजसेवी विष्णु कान्त झा की आत्मा की शांति के लिए एक मिनट का मौन रखकर किया गया।