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मुख्यमंत्री ने किया हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 का निरीक्षण, व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश

-मुख्यमंत्री ने किया हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 का निरीक्षण, व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश

पटना/सारण। ब्यूरो।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को सारण जिले के सोनपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने मेला परिसर, प्रदर्शनी क्षेत्र और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग, आर्ट एंड क्राफ्ट ग्राम, महिला एवं बाल विकास निगम, जीविका सहित विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। स्टॉल संचालकों ने उन्हें उत्पाद निर्माण, विपणन और सरकारी सहायता से होने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी।
जीविका दीदियों ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ से मिल रही सहायता और उससे हुए आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस दौरान सीएम ने जीविका दीदियों एवं अन्य लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रकाश, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सोनपुर मेला बिहार की प्राचीन परंपरा का प्रतीक ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाला एक बड़ा मंच भी है। हजारों कारीगर, व्यापारी और ग्रामीण उद्यमी यहां अपने उत्पादों की बिक्री कर आजीविका अर्जित करते हैं।

हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होने वाला सोनपुर मेला इस बार बिहार विधानसभा चुनाव के कारण संशोधित तिथियों में आयोजित होगा। पहले इसका आयोजन 03 नवंबर से 04 दिसंबर 2025 तक होना था, जिसे परिवर्तित कर 09 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 तक कर दिया गया है।

गंगा और गंडक के संगम पर लगने वाला यह मेला हजारों वर्षों पुराना है। श्रद्धालु स्नान कर हरिहर नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। छत्तर मेला के नाम से प्रसिद्ध इस आयोजन में देश का सबसे बड़ा पशु मेला भी लगता है, जहां हाथी, घोड़ा, ऊंट, गाय, भैंस, कुत्ता, तोता, मैना सहित कई पशु-पक्षियों की खरीद-बिक्री परंपरागत रूप से होती रही है।
लोगों के मनोरंजन के लिए घुड़दौड़, कुश्ती, नौकायन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दैनिक प्रदर्शन भी आयोजित किए जाते हैं, जिससे स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलता है।

बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और पर्यटन विभाग द्वारा मेले में वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि सारण जिला प्रशासन सभी नागरिक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालता है। मेला परिसर में ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित कई विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई है। खान मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड और सशस्त्र सीमा बल जैसे केंद्रीय संस्थान भी इसमें शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के साथ ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कौशल किशोर मिश्रा, कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, सारण प्रमंडल आयुक्त राजीव रौशन, पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम, सारण डीएम अमन समीर, पटना एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा, सारण एसएसपी कुमार आशीष सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।