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महिलाओं में बढ़ रहा गर्भाशय कैंसर का खतरा, 40 के बाद हो जाएं सतर्क

-महिलाओं में बढ़ रहा गर्भाशय कैंसर का खतरा, 40 के बाद हो जाएं सतर्क

भागलपुर।सम्वाददाता।

भागलपुर में बरारी स्थित रूप विहार रिसोर्ट में इंडियन मेनोपाउज सोसाइटी का दो दिवसीय ईस्ट जोन अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन शनिवार से शुरू हो गया।

इसमें नेपाल, बंगाल व श्रीलंका के साथ-साथ देशभर के चिकित्सकों का जुटान हुआ है। इसमें महिलाओं की बढ़ती उम्र के साथ होने वाली समस्याओं व बीमारियों के निदान पर चर्चा हुई।
श्रीलंका से डॉ. दर्शन अभयगुणवर्धना, डॉ. सनत अक्मीमना, बांग्लादेश से डॉ. जीनत आरा और नेपाल से अंशुमाला ज्योति ने भाग लिया। इंडियन मेनोपाउज सोसाइटी की प्रेसिडेंट डॉ. पुष्पा सेठी, महासचिव डॉ. आरती गुप्ता समेत देश से करीब 40 नामचीन चिकित्सकों ने अपने-अपने शोध साझा किए।

व्यायाम व खान-पान में सुधार से समस्या होगी दूर:

अधिवेशन में शहरी क्षेत्र की कुछ महिलाओं के साथ चिकित्सकों ने जानकारी साझा की। साथ ही बारी-बारी से उनकी बीमारियों के बारे में पूछा गया। समस्याओं से रूबरू होने के उपरांत शोध साझा किया।
चेन्नई की डॉ. हेपसिबा ने बताया कि महिलाओं में रक्तस्राव से संबंधित कई बीमारी होती है। इसके लिए सोसायटी देशभर में कैंप लगाकर जागरूक कर रही है। मेडिटेशन, व्यायाम, योग व खानपान में सुधार के साथ समय रहते चिकित्सक से परामर्श लेना अनिवार्य है। मेडिटेशन से काफी हद तक सुधार लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि शरीर में बदलाव, स्कीन का सिकुडना, 40 साल के बाद शुरू हो जाता है। विटामिन डी व कैल्सियम की कमी होने लगी है।

डॉ. हेपसिबा ने आगे यह भी कहा कि सुबह 10 से शाम तीन बजे तक कम से सूर्य की रोशनी रहकर विटामिन डी प्राप्त कर सकते हैं। एसी कमरों में रहने व शारीरिक परिश्रम नहीं करने से मोटापा को आमंत्रण दे रहे। इसके लिए योगा व अपने खानपान में सुधार लाना होगा।

कोलकाता की निर्मला पिपारा ने क्या कहा:

कोलकाता की डॉ. निर्मला पिपारा ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर अहम बातें उभर कर आयीं कि सुबह टहलने, रहन-सहन, खान-पान पर नियंत्रण व योगा से बीमार पर अंकुश लगाया जा सकता है। हमें दवा की जरूरत नहीं, बल्कि रसोई में रखे सामग्री तिल, खजूर व हल्दी का इस्तेमाल कर स्वस्थ रह सकते हैं।

उन्होंने कहा कि घरों में रहते हुए इसकी वेल्यू हम नहीं समझ सकते। एक तिहाई महिलाओं में यूरिन से संबंधित समस्या है। इसकी जांच कराकर दवा का सेवन करें। एस्ट्रोजन हार्मोन गिरने से जलन व सूखापन की समस्या होती है।
निर्मला पिपारा ने आगे यह भी कहा कि इसे दवा के सेवन से नियंत्रित किया जा सकता है। तला व भूना हुआ खाने की आदत से मोटापा को न्योता दे रहे हैं। इसमें कैलोरी ज्यादा होती है। फल, मूंगफली खाने की कम से आदम डालें। केला, अमरूद व हरी सब्जी का सेवन करें।

पत्रिका का हुआ विमोचन:

देर शाम मेयर डॉ. बसुंधरा लाल, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके भगत, टीएमबीयू के कुलपति प्रो. जवाहरलाल, इंडियन मेनोपाज सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा सेठी, डॉ. आरती गुप्ता, डॉ. प्रतिमा मोदी, भागलपुर मेनोपाउज सोसायटी की अध्यक्ष व आर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. प्रतिभा सिंह व डॉ. अर्चना झा ने उद्घाटन के उपरांत पत्रिका का विमोचन किया।
कुलपति ने कहा कि देश को सशक्त करने के लिए महिला सशक्तीकरण जरूरी है। पूरी आबादी में 49 प्रतिशत महिलाएं हैं। बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं की सेहत का ख्याल रखना जरूरी है। मेयर डॉ. बसुंधरा ने इस आयोजन के लिए भागलपुर मेनोपाउज सोसायटी की टीम को बधाई दी।