–बेनीबाद–केवटसा चौक पर बागमती संघर्ष मोर्चा का सामूहिक अनशन शुरू, बांध निर्माण रोकने की मांग तेज
गायघाट (दीपक कुमार)।
बेनीबाद–केवटसा चौक पर बागमती संघर्ष मोर्चा के बैनर तले ‘चास-वास जीवन बचाओ’ अभियान के तहत सामूहिक अनशन की शुरुआत की गई। आंदोलनकारियों ने बागमती नदी पर प्रस्तावित बांध निर्माण को विनाशकारी बताते हुए रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट आने तक सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की मांग की है।
मोर्चा के संयोजक जितेंद्र यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने आंदोलन के दबाव में वर्ष 2017 में रिव्यू कमेटी का गठन तो किया, लेकिन उसे न तो संसाधन उपलब्ध कराए गए और न ही कोई स्पष्ट निर्देश दिया गया। ठेकेदार लॉबी और निहित स्वार्थी तत्वों के दबाव में बार-बार बांध निर्माण शुरू कर दिया जाता है, जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोग अपनी जमीन, आवास और विरासत को बचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से निर्माण रोकते हैं तो प्रशासन उन्हें झूठे मुकदमों में फंसा देता है। बांध निर्माण से कई गांवों के विस्थापन की आशंका है, जबकि सरकार न तो वार्ता कर रही है और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था दे रही है।

मोर्चा ने मांग रखी कि रिव्यू कमेटी को प्रभावी बनाया जाए, उसमें संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए, विस्थापितों के पुनर्वास और मुआवजे की गारंटी दी जाए तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए जल निकासी और पर्याप्त पुल निर्माण की व्यवस्था हो।
अनशन पर राजकुमार मंडल, सीताराम यादव और राम लोचन सिंह बैठे हैं। बैठक की अध्यक्षता वैद्यनाथ मिश्र ने की तथा संचालन जितेंद्र यादव ने किया। सभा में बाढ़ मुक्ति अभियान के उमेश राय, मुखिया प्रतिनिधि रंजीत कुमार सिंह, प्रगतिशील किसान मोर्चा के पप्पू सिंह सहित कई ग्रामीणों ने संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों ने परियोजना के विरोध में जनगीत भी प्रस्तुत किए। वहीं बर्री इलाके में बांध निर्माण शुरू होने की सूचना पर ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक पहुंचकर कार्य को रुकवा दिया।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक संघर्ष और अनशन जारी रहेगा।













