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बिहार में यात्रा की सियासत

-बिहार में यात्रा की सियासत

-जानिए,नीतीश-तेजस्वी का ‘दिसंबर प्लान’

दीपक कुमार तिवारी।पटना।

बिहार में चुनावी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 15 दिसंबर से महिला संवाद यात्रा शुरू करेंगे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी 4 दिसंबर से कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद यात्रा पर निकलेंगे। तेजस्वी की यात्रा मुंगेर से शुरू होकर बेगूसराय, खगड़िया और लखीसराय होते हुए आगे बढ़ेगी। दोनों नेता विधानसभा चुनाव से पहले जनता से जुड़ने और अपनी पार्टी का जनाधार मजबूत करने की कोशिश में हैं।
नीतीश कुमार की महिला संवाद यात्रा 15 दिसंबर से शुरू होगी। इस यात्रा के दौरान वे महिलाओं से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं समझेंगे। यह यात्रा राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित की जाएगी। नीतीश कुमार महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी सरकार की उपलब्धियां भी बताएंगे। विधानसभा चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तेजस्वी यादव की कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद यात्रा 4 दिसंबर से मुंगेर से शुरू होगी। इस यात्रा के दौरान वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और उनकी राय जानेंगे। तेजस्वी यादव जनता से भी संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। यह यात्रा बेगूसराय, खगड़िया और लखीसराय जैसे जिलों से होकर गुजरेगी। लखीसराय के कार्यक्रम में शेखपुरा के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। इस यात्रा के बाद अगले चरण की योजना बनाई जाएगी। तेजस्वी यादव इस यात्रा के जरिए कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना चाहते हैं और चुनाव की तैयारी को धार देना चाहते हैं।


तेजस्वी की यह यात्रा का चौथा चरण है। इससे पहले तीसरा चरण जमुई में चल रहा था। लेकिन झारखंड विधानसभा चुनाव और बिहार के उपचुनावों की घोषणा के बाद इसे स्थगित करना पड़ा था। तेजस्वी झारखंड चुनाव प्रचार में व्यस्त हो गए थे। अब चुनाव खत्म होने के बाद वे फिर से बिहार में अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं। चौथे चरण की यात्रा के लिए बड़े हॉल की तलाश की जा रही है। अभी तक दो जिलों में हॉल मिल गया है।
तेजस्वी यादव अपनी इस यात्रा के माध्यम से युवाओं और कार्यकर्ताओं को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे विधानसभा चुनाव से पहले पूरे बिहार का दौरा करने और कार्यकर्ताओं से मिलने का लक्ष्य रखते हैं। इस यात्रा के दौरान वे जनता की समस्याएं भी सुनेंगे और उन्हें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। तेजस्वी यादव का मानना है कि जनता से सीधा संवाद करना बेहद जरूरी है। इससे जनता की नब्ज समझने में मदद मिलती है। वे इस यात्रा के जरिए अपनी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए जनता का समर्थन जरूरी है और तेजस्वी यादव इसी दिशा में काम कर रहे हैं। दोनों नेताओं की यात्राएं बिहार के राजनीतिक माहौल को गरमाने वाली हैं। देखना होगा कि इन यात्राओं का जनता पर क्या असर पड़ता है।