–बिहार में बढ़ती सर्दी से आम जनजीवन प्रभावित, न्यूनतम तापमान में हो सकती है और गिरावट
पटना।ब्यूरो।
सुबह की ओस से भीगी धरती, मैदानों में सरकती ठंडी पछुआ हवा और आसमान में तैरती धुंध की मोटी परत—बिहार इन दिनों कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। उत्तर और पश्चिम बिहार में ठंड ने जैसे अपनी चादर तान ली है। ग्रामीण इलाकों में पारा लगातार लुढ़क रहा है, जबकि पटना, मोतिहारी, सीवान, जहानाबाद और गया जैसे प्रमुख शहरी क्षेत्रों में भी शीतलहर का असर तेज़ी से महसूस किया जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली बर्फीली हवाएं इस ठिठुरन की मुख्य वजह हैं। बिहार मौसम सेवा केंद्र ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से उठने वाली नमी के मिलन से 27–28 नवंबर को मौसम करवट ले सकता है। राज्य के कई जिलों में बादल छाने और हवाओं की दिशा बदलने की पूरी संभावना है।
रबी फसलों पर असर की आशंका:
किसानों के लिए यह मौसम बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। खेतों में खड़ी रबी की फसलों पर पाला और शीतलहर का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उत्पादन पर प्रभाव पड़ सकता है।

पटना में विजिबिलिटी प्रभावित, यातायात धीमा
राजधानी पटना में न्यूनतम तापमान निरंतर गिर रहा है। मंगलवार की सुबह घने कोहरे की परत ने विजिबिलिटी कम कर दी, जिसके चलते सड़क यातायात की रफ्तार थम-सी गई। दिन चढ़ने के साथ हल्की धूप निकलने की उम्मीद है और अधिकतम तापमान 26°C तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन पछुआ हवाओं के कारण सर्दी का अहसास कम नहीं होगा।
मौसम विभाग के अनुसार रात का तापमान 12°C तक जा सकता है। हवा की गति 10–15 किमी/घंटा रहने की संभावना है, जिससे ठंडक और बढ़ेगी। आसमान साफ रहने और बारिश की संभावना न होने से मंगलवार का दिन यात्रा और आउटडोर गतिविधियों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
सावधानी बरतने की अपील
बिहार मौसम सेवा केंद्र ने लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी है—
सुबह या शाम घर से निकलते समय गर्म कपड़े अवश्य पहनें
कोहरा रहने पर वाहन धीमी गति से चलाएं
हेडलाइट और फॉग लाइट का सही उपयोग करें
दिन में धूप का लाभ लें
नवंबर का अंतिम सप्ताह शुरू होते-होते सर्दी और बढ़ने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में बिहार को ठिठुराती सुबहें और धुंधभरी राहों का सामना करना पड़ सकता है।











