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बिहार में कड़ाके की सर्दी का कहर: बंगाल की खाड़ी में बने उच्च दबाव से बढ़ी ठिठुरन

-बिहार में कड़ाके की सर्दी का कहर: बंगाल की खाड़ी में बने उच्च दबाव से बढ़ी ठिठुरन

-अगले कई दिनों तक राहत के आसार नहीं

पटना/ब्यूरो। बिहार इन दिनों कड़ाके की सर्दी की गिरफ्त में है। प्रदेश में ठंड की यह तीव्रता अचानक नहीं आई, बल्कि इसकी वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा उच्च दबाव तंत्र है। इस मौसम प्रणाली से उठ रही शीतल हवाओं ने पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसके चलते जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है।

राज्यभर में पारा लुढ़का, कई जिलों में रिकॉर्ड ठंड:

बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, पटना, गया, सहरसा, कटिहार सहित कई जिलों में ठंड चरम पर है। न्यूनतम तापमान लगातार 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जबकि पिछले दो दिनों से रात का पारा 5 डिग्री के करीब दर्ज किया गया है, जो सामान्य स्तर से काफी कम है।

मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल पूरे राज्य का आकाश शुष्क रहेगा, लेकिन सुबह में हल्का कोहरा और धुंध यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। इसलिए सुबह-सुबह यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ठंडी हवाओं ने बढ़ाई कनकनी:

इस समय राज्य में 15–20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल रही हैं, जिसके चलते सुबह और शाम की ठंड और ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले दो–तीन दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा। पटना में अधिकतम तापमान 24.9°C और न्यूनतम 13°C दर्ज किया गया है, जो सामान्य से कम है। रविवार की सुबह भी दृश्यता प्रभावित हो सकती है।

शीतलहर के बीच मिल रही धूप से राहत:

ठंड बढ़ने के साथ ही लोग जगह-जगह अलाव का सहारा ले रहे हैं और गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है। प्रशासन ने अपील की है कि अनावश्यक रूप से सुबह घर से निकलने से बचें और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतें।

पश्चिमी दिशाओं से आने वाली पछुआ हवाओं ने भी कनकनी को और बढ़ा दिया है। इनके प्रभाव से पारा लगातार गिर रहा है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, पटना, गया और कैमूर में अगले 48 घंटों तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ सुनहरी धूप लोगों को राहत दे रही है।

15 दिसंबर के बाद पारा फिर गिरने की संभावना:

मौसम विशेषज्ञों ने बताया है कि अगले 4–5 दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि 15 दिसंबर के बाद पारा फिर गिर सकता है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ने की आशंका है। तब तक मामूली उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम के अनुरूप सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।