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बागमती में तेजी: खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही नदी, मुजफ्फरपुर के निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी

-बागमती में तेजी: खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही नदी, मुजफ्फरपुर के निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी

मुजफ्फरपुर। दीपक कुमार तिवारी।

मुजफ्फरपुर जिले में बागमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। नेपाल और बिहार के उत्तरी इलाकों में हो रही भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर पहुँच गया है। नदी में तेज बहाव से कटरा, औराई, मीनापुर समेत कई प्रखंडों में दहशत का माहौल है।

प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। कटरा पीपा पुल से आवागमन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और ऊँचे सुरक्षित स्थानों पर रहें।

कटरा प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से कई गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है। तेज धार के कारण राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी लगातार बढ़ रहा है और घरों में घुसने का खतरा बना हुआ है। कई परिवार ऊँचे स्थानों या सामुदायिक भवनों में शरण ले चुके हैं।

प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमों को तैनात किया है। प्रभावित क्षेत्रों में टेंट, भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। बागमती के किनारे बसे गांवों में खेती की जमीन और मकानों को विशेष खतरा बताया जा रहा है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटे में नदी के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की जोखिमभरी गतिविधि से बचें।

इस बीच, कटरा प्रखंड समेत जिले के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी सड़कों और खेतों में फैल चुका है। प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी में जुटा है।

बागमती का यह बढ़ता जलस्तर एक बार फिर जिले में बाढ़ के पुराने जख्मों को ताजा कर रहा है। स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमों की कोशिश है कि किसी भी अप्रिय घटना को होने से पहले स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके।