–बरियारपुर मोहनपुर में महाशिवरात्रि महोत्सव की धूम, बाबा बुद्धेश्वरनाथ धाम में 5 दिवसीय भव्य आयोजन की तैयारी पूरी
मुजफ्फरपुर/बंदरा।दीपक कुमार तिवारी।
महाशिवरात्रि को लेकर प्रखंड के प्राचीन धार्मिक स्थल बाबा बुद्धेश्वरनाथ शिवशक्ति धाम, बरियारपुर मोहनपुर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंदिर परिसर में साफ-सफाई, रंग-रोहन और पंडाल निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। आकर्षक लाइट डेकोरेशन से पूरे मंदिर को सजाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं के बीच उत्सव जैसा माहौल बन गया है। यहां मेला भी लगना शुरू हो गया है और आसपास के गांवों से भक्तों का आगमन लगातार बढ़ रहा है।
धर्मादा कमिटी की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य 5 दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव सह संगीत अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन का 39वां अधिवेशन है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। कमिटी के अनुसार कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली गई है और प्रशासनिक व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रही है।
कार्यक्रम की रूपरेखा:
13 फरवरी (शुक्रवार): महा रुद्राभिषेक एवं रात्रि में हनुमान आराधना
14 फरवरी (शनिवार): शिव मंत्र अष्टयाम महायज्ञ एवं हवन प्रारंभ
15 फरवरी (रविवार): अष्टयाम, हवन विसर्जन, प्रसाद वितरण एवं रात्रि में शिव विवाह महोत्सव
16 फरवरी (सोमवार): संगीत सरिता कार्यक्रम
17 फरवरी: मिथिला की महिलाओं द्वारा मिथिला परंपरा के अनुसार चौथारी महोत्सव का आयोजन।


धर्मादा कमिटी के अध्यक्ष विमल कुमार सिंह, उपाध्यक्ष कौशल किशोर ठाकुर समेत रमेश ठाकुर, सीताराम सिंह, चुनमुन ठाकुर, नारायण गिरी, गोलू गिरी, विमलेश ठाकुर, विमलेश सिंह, रामजीवन सिंह, मुकेश ओझा, जिला परिषद सदस्य हरिओम झा, गंधिर झा, कुंदन ठाकुर सहित कई सदस्य आयोजन की तैयारी में जुटे हुए हैं।
धार्मिक आस्था का केंद्र:
इस मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी विशेष माना जाता है। श्मशान स्थल पर स्थित होने के कारण इसे ‘हठी बाबा’ के नाम से भी जाना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद अवश्य पूरी होती है, जबकि झूठी कसम खाने वालों को दंड भी मिलता है। पास ही बाबा के अन्यन्य पुजारी रहे नाथ बाबा का मंदिर भी स्थित है,जहां नाथ बाबा ने शिवभक्ति की बदौलत जिंदा समाधि ले चुके हैं। जिससे यह क्षेत्र शिवभक्तों का प्रमुख आस्था केंद्र बन गया है।
महोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों और भक्तों में जबरदस्त उत्साह है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक करेंगे और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।












