-बदलते मौसम में बुखार,खांसी और जुकाम का बढ़ा प्रकोप,मरीजों को नहीं मिल रहा पर्याप्त दवाएं
बन्दरा।दीपक।
रात की सर्दी और दिन में गर्मी के साथ बदल रहे मौसम से बुखार खांसी जुकाम का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है।
प्रखंड क्षेत्र के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से दर्जनों लोग अपना इलाज कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन्दरा पहुंच रहे हैं। लेकिन पीएचसी सूत्रों का बताना है कि यहां प्रमुख दवाइयों के अभाव है।अभाव के बीच उनका उपचार किया जा रहा है।बताया जाता है कि मौसम में बदलाव होने से मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। ज्यादातर मरीज बुखार,खांसी, जुकाम से ग्रसित होते हैं। वही ग्रामीण क्षेत्र से अपना इलाज कराने आए मिथलेश देवी एवं अन्य ने बताया कि डॉक्टर साहब द्वारा लिखे जा रहे दवा में से एक या दो ही दवा मिल पाता है। गैस की दवा,कैल्शियम का टेबलेट, सिट्रीज़ीन जैसी दवा बाहर से लेने के लिए कहा जा रहा है। वही बच्चों की दवा भी काउंटर से नहीं दिया जा रहा है। वहीं शालिनी तिवारी ने बताया कि उनकी 9 महीने पर लगने वाली टिका के लिए वे सकरी मन एपीएचसी से लेकर बन्दरा पीएचसी का चक्कर लगा रहे हैं,लेकिन एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी की वजहों से पिछले करीब डेढ़ महीने से टालमटोल एवं आश्वस्त के बाबजूद उसे टिका नहीं लग सका है।

शुक्रवार को सकरी गांव में आंगनबाड़ी सेंटर पर टीकाकरण कैम्प भी लगाए गए लेकिन रजिस्टर में नाम रहने के बाद एएनएम एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने टीकाकरण नहीं किया। इलाके के लोगों का बताना है कि पीएचसी से लेकर पंचायतों के कई हेल्थ सेंटरों तक चिकित्सा कर्मियों की मनमानी एवं लापरवाही से लोग परेशान हैं। शिकायतों के बाबजूद चिकित्सा अधिकारी बातों की अनसुनी कर दे रहे हैं तथा लोग प्राइवेट इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं लगातार प्रयास के बाबजूद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नौशाद अहमद से बातचीत नहीं हो सकी।












