-बच्चे की मौत जच्चा गम्भीर,इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे परिजनों ने जमकर काटा बबाल
बन्दरा। दीपक कुमार तिवारी।
बन्दरा प्रखंड मुख्यालय चौक पर प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज के दौरान बच्चे की मौत तथा ज़च्चे(नवजात बच्चे की मां) की गंभीर स्थिति हो जाने के मामले को लेकर पीड़ित परिजनों के द्वारा जमकर बवाल काटा गया। इस दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ भी जुट गई। पीड़ित पक्ष का बताना था कि देर रात पीड़ित महिला को बंदरा पीएचसी में ले जाया गया। जहां रात्रि में मौजूद चिकित्सक के द्वारा भर्ती लेने से इनकार कर दिया गया।इस दौरान पीड़ित महिला को निजी अस्पताल में ले जाने की भी सलाह दी गई। जिसके बाद मजबूरन पीड़ित परिजनों के द्वारा उसे बन्दरा प्रखंड मुख्यालय चौक पर एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया करा दिया गया। जहां इलाज के दौरान बच्चा की मौत हो गई, वही पीड़ित महिला की भी स्थिति भी गम्भीर हो गयी। इस बीच प्राइवेट अस्पताल कर्मियों के द्वारा मृत बच्चे एवं महिला को वापस ले जाने का दवाब बनाए जाने लगा। इस मामले से नाराज परिजनों के द्वारा शनिवार को निजी नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ जमकर आक्रोश का इजहार किया गया। बन्दरा पीएचसी के चिकित्सकों तथा निजी नर्सिंग होम के चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई एवं मुआवजे की मांग की जाने लगी।परिजनों द्वारा इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया जा रहा था। परिजनों का कहना था कि पीएचसी यदि भर्ती ले लिया जाता तो यह स्थिति उतपन्न नहीं होती।

यदि प्राइवेट अस्पताल में भी ठीक से इलाज किया जाता तो बच्चा मरने से बच सकता था। इस दौरान स्थानीय लोगों तथा जनप्रतिनिधियों के द्वारा समझा-बुझाकर तत्काल इस मामले को किसी तरह शांत करा दिया गया। इस मामले में पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नौशाद अहमद ने बताया कि इस तरह का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। बंदरा पीएससी में रात में एक महिला को लाया गया। जिसे आशा कर्मी के द्वारा बरगला कर वापस किसी नर्सिंग होम में ले जाया गया। पीएचसी में उक्त प्रसव महिला भर्ती नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में वे अपने स्तर से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।












