-फार्मर रजिस्ट्री में मुजफ्फरपुर की रिकॉर्ड रफ्तार, रोजाना टास्क और सख्त मॉनिटरिंग का असर; स्टेट लेवल पर जिला अव्वल, 51% उपलब्धि के साथ बंदरा नंबर वन
मुजफ्फरपुर।दीपक कुमार तिवारी।
किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान में मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने रिकॉर्ड रफ्तार पकड़ ली है। मिशन मोड में चल रहे इस अभियान के तहत रोजाना लक्ष्य निर्धारण, नियमित समीक्षा, फील्ड मॉनिटरिंग और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई का स्पष्ट असर अब जमीन पर दिखने लगा है। यही वजह है कि जिला लगातार राज्य स्तर पर प्रथम स्थान बनाए हुए है, जबकि प्रखंडों में बंदरा ने 51 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल कर नंबर वन का स्थान प्राप्त किया है।
जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सोमवार को अंचलवार एवं गांववार प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है।
बंदरा बना अव्वल, अधिकारियों को मिलेगा सम्मान:
प्रखंडवार समीक्षा के दौरान पाया गया कि बंदरा प्रखंड ने 51.38 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर पूरे जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए जिलाधिकारी ने बंदरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), अंचलाधिकारी (सीओ) तथा इस अभियान से जुड़े कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान अन्य प्रखंडों के लिए भी प्रेरणा का कार्य करेगा।
प्रतिदिन टास्क और सख्त समीक्षा से बढ़ी गति:
अभियान की सफलता के पीछे प्रशासन की सख्त कार्यशैली प्रमुख कारण मानी जा रही है। जिला पदाधिकारी प्रतिदिन अगले दिन का लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं और उसके अनुरूप हुई प्रगति की समीक्षा भी कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर स्वयं फील्ड विजिट कर पंचायतवार निरीक्षण कर रहे हैं। इससे अधिकारियों और कर्मियों में जवाबदेही बढ़ी है और कार्य की गति में उल्लेखनीय सुधार आया है।
जिलाधिकारी ने बीडीओ और सीओ को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे पूरी टीम के साथ गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करें, छूटे हुए किसानों की सूची बनाएं, उन्हें फोन या पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से सूचित कर कैंप या सीएससी केंद्रों पर लाकर निबंधन सुनिश्चित कराएं। साथ ही हर अंचल में कंट्रोल रूम गठित कर सूचना संप्रेषण और फील्ड आधारित मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
विशेष अभियान की अवधि बढ़ी:

फार्मर रजिस्ट्री का तृतीय चरण का विशेष अभियान 2 फरवरी से 6 फरवरी तक निर्धारित था, लेकिन अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इसकी अवधि बढ़ाकर 11 फरवरी तक कर दी गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान निबंधन से वंचित न रह जाए।
जीविका कर्मियों और पंचायत स्तर की सक्रियता
अभियान में जीविका कर्मियों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। उन्हें गांव स्तर पर किसानों को जागरूक कर सीएससी तक लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा राजस्व कर्मचारी, अमीन, विकास मित्र और पंचायत प्रतिनिधियों को भी मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया गया है, ताकि हर गांव के छूटे हुए किसानों की पहचान कर उनका निबंधन कराया जा सके।
पीएम किसान और नए जमाबंदी किसानों पर फोकस
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों और नए जमाबंदी वाले किसानों का रजिस्ट्रेशन समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य स्तर पर फिर अव्वल
आंकड़ों के अनुसार मुजफ्फरपुर ने एक दिन में 4,733 फार्मर रजिस्ट्री कर राज्य स्तर पर पुनः पहला स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक कुल 2,28,521 किसानों का निबंधन हो चुका है, जिनमें 1,28,174 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हैं।
प्रखंडवार प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं—
पारु: 21,650
बरूराज: 20,806
कुढ़नी: 20,092
गायघाट: 18,956
मीनापुर: 18,421
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में अभियान प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है।
जिलाधिकारी का स्पष्ट संदेश:
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री अभियान किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रत्येक पात्र किसान का निबंधन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि वे बिना किसी बाधा के सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि सख्त मॉनिटरिंग और फील्ड आधारित रणनीति के बल पर मुजफ्फरपुर आने वाले दिनों में भी राज्य में अग्रणी स्थान बनाए रखेगा।
जिले में फार्मर रजिस्ट्री की इस रिकॉर्ड रफ्तार से किसानों में भी उत्साह देखा जा रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर मुजफ्फरपुर राज्य में एक मॉडल जिला के रूप में उभरेगा।l










