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पूर्णिया में सड़क विवाद बना सियासी तूफ़ान: विधायक के बॉडीगार्ड पर मारपीट का आरोप, सांसद पप्पू यादव भी कूदे

-पूर्णिया में सड़क विवाद बना सियासी तूफ़ान: विधायक के बॉडीगार्ड पर मारपीट का आरोप, सांसद पप्पू यादव भी कूदे

पूर्णिया। एक मामूली सड़क विवाद ने अचानक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। बनमनखी के बीजेपी विधायक कृष्ण कुमार ऋषि के बॉडीगार्ड पर रामनगर फरसाही निवासी संजीव कुमार यादव ने मारपीट का आरोप लगाया है। मामला सामने आते ही जिले में हड़कंप मच गया और यह स्थानीय विवाद तेजी से सियासत के केंद्र में आ गया।

पप्पू यादव का हमला: “क्या विधायक सड़क पर टेंट कारोबारी को पीटेंगे?”

घटना पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने विधायक पर सीधा निशाना साधा और राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से सवाल पूछा—
“क्या आपके ही विधायक किसी टेंट कारोबारी को सड़क पर पीटेंगे? क्या यही कानून का राज है?”
सांसद के बयान ने मामले को और तूल दे दिया है और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

विधायक का पलटवार: “बेबुनियाद और राजनीतिक आरोप”

विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया।
उन्होंने कहा—
“सांसद बिना जानकारी के बयान दे रहे हैं। यह सब राजनीतिक रंग देने की कोशिश है। पहले हकीकत जान लें, फिर राजनीति करें।”

पीड़ित की कहानी: “बिना कुछ पूछे तमाचा मार दिया”

पीड़ित संजीव यादव ने बताया कि वह अपने गांव से हनुमान नगर जा रहे थे। रास्ते में फोन आने पर उन्होंने सड़क किनारे गाड़ी रोककर बात करनी शुरू की।
इसी दौरान पीछे से विधायक का काफिला आ गया।
उनके अनुसार—
“गार्ड आते ही बिना कुछ पूछे मुझे तमाचा मार दिया। मैं समझ ही नहीं पाया कि मेरी गलती क्या थी।”

थाने में आवेदन, फिर समझौता:

बनमनखी थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित द्वारा आवेदन दिया गया था, लेकिन कुछ ही देर बाद वापस ले लिया गया।
दोनों पक्षों ने आपसी समझौता कर लिया, जिसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ाया गया।

सियासत गर्म, लोग पूछ रहे—सच क्या है?

एक तरफ पीड़ित का आरोप, दूसरी तरफ विधायक का इनकार। ऊपर से सांसद पप्पू यादव की एंट्री ने इस मामूली विवाद को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
हालांकि दोनों पक्षों के समझौते के बाद मामला शांत बताया जा रहा है, लेकिन जिले में चर्चा तेज है—
क्या सच में मारपीट हुई या फिर राजनीति के मकसद से मामले को हवा दी गई?

घटना भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन इसका सियासी असर अभी जारी है।