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नीलगायों के आतंक से त्रस्त राजापाकर के किसान, फसलों को भारी नुकसान

-नीलगायों के आतंक से त्रस्त राजापाकर के किसान, फसलों को भारी नुकसान

राजापाकर–संजय श्रीवास्तव।
राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों के किसान इन दिनों नीलगायों के बढ़ते आतंक से बेहद परेशान हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए फिलहाल कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है। पूर्व के वर्षों में नीलगाय नियंत्रण के लिए जिले से शूटरों की टीम भेजी जाती थी, जो अधिक प्रभावित पंचायतों में जाकर नीलगायों को शूट कर उनकी संख्या नियंत्रित करती थी। इससे किसानों की समस्या काफी हद तक हल हो गई थी, लेकिन बीते करीब एक वर्ष से एक बार फिर नीलगायों का आतंक बढ़ गया है।
किसानों के अनुसार नीलगाय झुंडों में खेतों में प्रवेश कर साग-सब्जी, रबी दलहन, मकई सहित अन्य फसलों को पूरी तरह चट कर जाती हैं। झुंड में आने के कारण फसलों को पैरों से रौंदकर भी भारी नुकसान पहुंचता है। सबसे अधिक क्षति हरे-भरे गेहूं, तिलहन एवं आलू की फसलों को हो रही है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।


बखरी बड़ाई पंचायत के किसान सह सरपंच हरि मंगल राय, रघुनाथ सिंह, लालबाबू राय, राम शंकर राय, अशोक राय, चंद्रदीप राय, लक्ष्मण राय, जवाहर राय सहित अन्य किसानों ने बताया कि बखरी बड़ाई, जाफरपट्टी सहित आसपास के चौर क्षेत्र में नीलगायों का भारी आतंक व्याप्त है। किसानों ने कहा कि वे खाद, बीज और पानी देकर मेहनत से खेती करते हैं, लेकिन फसल तैयार होने से पहले ही नीलगाय उसे नष्ट कर देती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं प्रगतिशील किसानों ने जिला पदाधिकारी वैशाली से मांग की है कि पूर्व की तरह एक बार फिर नीलगाय नियंत्रण के लिए जिले से शूटरों की व्यवस्था कर प्रभावित पंचायतों में भेजी जाए, ताकि किसानों को नीलगायों के आतंक से राहत मिल सके और उनकी फसलों की रक्षा हो सके।