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नरगाकोठी शिशु मंदिर में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया

-नरगाकोठी शिशु मंदिर में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया

भागलपुर से शशि भूषण मिश्र की रिपोर्ट ।

पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगा कोठी चंपानगर भागलपुर के प्रांगण में दिनांक 15 नवंबर 2022 दिन मंगलवार को कक्षा द्वितीय से पंचम तक के भैया बहनों द्वारा जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रभारी प्रधानाचार्य जितेंद्र प्रसाद एवं शशिकांत गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
जितेंद्र प्रसाद ने कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक और राष्ट्रीय गौरव, वीरता तथा भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने में आदिवासियों के प्रयासों को मान्यता हेतु जनजाति गौरव दिवस मनाया जाता है। पिछले वर्ष से प्रारंभ हुआ है और प्रत्येक वर्ष 15 नवंबर को मनाना है। उन्होंने कहा भगवान बिरसा एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक परंपरा है। जीवन दर्शन के प्रतिरूप है जो सदियों से भारत की आत्मा का हिस्सा रहा है।
शशिकांत गुप्ता ने कहा कि जनजातीय शौर्य के प्रतीक स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले धरती बाबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और समस्त आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने के लिए जनजाति गौरव दिवस मनाते हैं।
सुबोध झा द्वारा बिरसा मुंडा की पूरी जीवनी बताते हुए उन्होंने कहा कि समाज सुधारक के रूप में बिरसा मुंडा को जानते हैं। क्रांतिकारी चिंगारी का नाम है विरसा। आदिवासियों का कवच है बिरसा । हमें उनके जीवनी से प्रेरणा लेने की जरूरत है।


भैया बहनों द्वारा भी उनकी जीवनी प्रस्तुत की गई। कक्षा पंचम के भैया हर्ष,आदर्श, अंश, रंजन, आर्यन द्वारा बिरसा मुंडा बनकर झांकी प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाचार्य जीतेंद्र प्रसाद ,मनोज तिवारी, शशि भूषण मिश्र ,सुबोध झा, शशिकांत गुप्ता ,उपेंद्र प्रसाद साह,संजीव ठाकुर, सुबोध ठाकुर, नरेंद्र कुमार, अभिजीत आचार्य, अमर ज्योति, गोपाल प्रसाद सिंह, दीपक कुमार, अंजू रानी, सुप्रिया कुमारी, ललिता झा, कविता पाठक एवं रेणू कुमारी उपस्थित थे।