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नटवर साहित्य परिषद की ओर से मासिक कवि सम्मेलन सह मुशायरा का आयोजन

-नटवर साहित्य परिषद की ओर से मासिक कवि सम्मेलन सह मुशायरा का आयोजन

मुजफ्फरपुर। शहर के श्री नवयुवक समिति ट्रस्ट के सभागार में रविवार को नटवर साहित्य परिषद की ओर से मासिक कवि सम्मेलन सह मुशायरा का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डाॅ.संगीता सागर, मंच संचालन वरिष्ठ शायर महफूज आरिफ व धन्यवाद ज्ञापन नटवर साहित्य परिषद के संयोजक डॉ.नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी ने किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री के गीत से किया गया। इसके बाद वरिष्ठ कवि डाॅ.विजय शंकर मिश्र ने — हम न रहेंगे तुम न रहोगे ,कर्मों का संगीत रहेगा…. । शायर डाॅ.नर्मदेश्वर मुजफ्फरपुरी ने- खेतों में, जूझते किसान को क्या पता, कैसा होता है नववर्ष ? ….। डाॅ. हरि किशोर प्र. सिंह ने- घर आंगन गली- गली में शोर हो गया….।

शायर महफूज आरिफ ने – फिर नया साल का सूरज, आपकी जिन्दगी करे रौशन…। अंजनी कुमार पाठक ने – स्वागतम नव वर्ष का हो रहा….। प्रमोद नारायण मिश्र ने- फंसा मझधार में जीवन नहीं कोई किनारा है…। डाॅ.जगदीश शर्मा ने- हमें हर श्वास उच्छवास की रुणने की बिमारी है…। अशोक भारती ने- पुराने साल को गुजरने में…। सत्येन्द्र कुमार सत्येन ने- एक दिन आइल रहे इयाद तोहार…। उषा किरण श्रीवास्तव ने- जो राह चल दिए हम, कोई रास्ता नहीं था…। डाॅ.संगीता सागर ने- बड़े आराम से सो रही थी वो….। अरुण कुमार तुलसी ने- कौन कहां तक साथ निभाने…। सुमन कुमार मिश्र ने- अस्तित्व बचाने की कोशिश में….। इसके अलावे नरेन्द्र मिश्र, मोहन कुमार सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता,अचानक ईश्वर, उमेश राज, सदैव सौरभ, विवेक कुमार सिंह, राजीवेन्द्र किशोर, मुन्नी चौधरी, चिराग पोद्दार, निशांत पप्पू , सुरेन्द्र कुमार, रणवीर अभिमन्यू की रचनाएं सराही गई।