-दिल्ली से अधिक जहरीली हुई धनबाद की हवा, यही हाल रहा तो सांस लेना भी होगा मुश्किल
धनबाद । दिलीप।
देश की कोयला राजधानी धनबाद की हवा से अधिक जहरीली हो चुकी है। और ना सिर्फ नोएडा, बल्कि धनबाद में प्रदूषण का स्तर दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों के लगभग बराबर हो चुका है।
यहां हवा में तेजी से प्रदूषण का जहर घुल रहा है। इसकी भयावहता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) की सघनता 234 पर पहुंच गई। पीएम-10 का स्तर औसतन 232.8 और पीएम-2.5 का स्तर 227.7 दर्ज किया गया। स्वास्थ्य के लिहाज से यह स्तर बहुत खतरनाक है। यह राष्ट्रीय मानक 100 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर (एमजीसीएम) से कहीं अधिक है। बुधवार को धनबाद में एक्यूआइ की सघनता 155 है, जबकि नोएडा के सेक्टर 1 में यह 154 है। अगले कई दिनों तक धनबाद की हवा का यही हाल रहने वाला है।
जानकर हैरानी होगी कि दीपावली के दिन या उसके एक दिन बाद भी धनबाद का एक्यूआइ इतना नहीं रहा। अभी इसके बढ़ने का बड़ा कारण ठंड, हवा में मौजूद धूल कण, गाड़ियों से निकलने वाला धुआं और कोलियरी क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर कोयला ट्रांसपोर्टिंग है। ऐसा झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय का मानना है। बोर्ड का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ ही नमी का स्तर एक निश्चित दूरी पर बन जाता है। इसकी वजह से धूल का कण आसमान में बहुत ऊपर नहीं जा पाता है। नतीजतन धूल कण हवा में तैरता रहता है। इसके साथ ही गाड़ियों से धुएं के रूप में निकलने वाला कार्बन डाइऑक्साइड तेजी से बढ़ा है। सिर्फ यही नहीं, कोलियरियों में इधर कोयले की ढुलाई नियमों को ताक पर रख धड़ल्ले से हो रही है। ना तो वाटर स्प्रिंकलर छिड़काव हो रहा है और न ही गाड़ियों को ढंककर ढुलाई की जा रही है। बोर्ड के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक एक्यूआइ की सघनता यही रहने वाली है। पिछले दो दिनों से धनबाद की हवा प्रदूषित है। मंगलवार को यह स्तर और अधिक बढ़ गया।ऐसे में कोशिश करनी चाहिए कि प्रदूषित वातावरण में न रहें। अपने चेहरे पर फेस मास्क जरूर लगाएं। चेहरे को जरूर कवर करें। बीच-बीच में चेहरे को साफ पानी से धोते रहें। एलर्जी की समस्याएं भी ज्यादा होती है।

हवा में कण का आकार बताता है पीएम- 2.5 व पीएम- 10:
पीएम यानी पार्टिकुलेट मैटर हवा में मौजूद कण और प्रदूषण के स्तर को मापने का एक पैरामीटर है। पीएम-2.5 और पीएम-10 हवा में कण का आकार बताते हैं। आमतौर पर हमारे शरीर के बाल पीएम 50 के आकार के होते हैं। इससे आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीएम-2.5 कितने बारीक कण होते होंगे। 24 घंटे में हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 100 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक होने पर स्थिति खतरनाक मानी जाती है। यही कण हवा के साथ हमारे शरीर में प्रवेश कर खून में घुल जाते हैं। इससे शरीर में कई तरह की बीमारी हो सकती है। पीएम-10 की श्रेणी में हवा में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड,ओजोन, आयरन, मैगनीज, बैरीलियम, निकल जैसे हानिकारक तत्व आते हैं।












