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जितेन्द्र पासवान को आजीवन कारावास के खिलाफ आरवाईए–माले का प्रतिवाद मार्च, फैसले को बताया लोकतंत्र पर हमला

–जितेन्द्र पासवान को आजीवन कारावास के खिलाफ आरवाईए–माले का प्रतिवाद मार्च, फैसले को बताया लोकतंत्र पर हमला

समस्तीपुर, 16 फरवरी। भाकपा (माले) लिबरेशन और रेवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के बैनर तले राज्य अध्यक्ष जितेन्द्र पासवान और श्रीराम कुशवाहा को कथित फर्जी मुकदमे में आजीवन कारावास दिए जाने के विरोध में सोमवार को जिला पार्टी कार्यालय से प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए मालगोदाम चौक पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर विरोध जताया गया।
सभा की अध्यक्षता माले जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार तथा संचालन आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार ने किया। वक्ताओं ने कहा कि जन आंदोलन से जुड़े नेताओं को साजिशन फंसाकर सजा दिलाना लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के साथ मजाक है।
प्रो. उमेश कुमार ने कहा कि आरवाईए राज्य अध्यक्ष सह माले राज्य कमेटी सदस्य जितेन्द्र पासवान को गोपालगंज में एक फर्जी मुकदमे में निचली अदालत द्वारा सुनाया गया आजीवन कारावास राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में पासवान ने सुनील कुमार को कड़ी टक्कर दी थी और बहुत कम मतों के अंतर से चुनाव हारे थे, जिसके बाद से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।


माले जिला स्थायी समिति सदस्य ललन कुमार ने कहा कि जननेताओं को झूठे मामलों में फंसाना न्याय के साथ अन्याय है, जिसका जवाब युवा आंदोलन के माध्यम से देंगे। वहीं आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार ने कहा कि पासवान वर्षों से गरीबों, दलितों, मजदूरों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहे हैं। ऐसे लोकप्रिय नेता को सजा दिलाना जनआवाज को दबाने का प्रयास है, जिसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
सभा में फूलबाबू सिंह, जीवछ पासवान, अमित कुमार, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, महावीर पोद्दार, अजय कुमार, अनिल चौधरी, कुंदन कुमार, नवीन कुमार, अनिल शर्मा, सुरेश कुमार, भूषण राय, दिनेश कुमार, मो. शमीम मंसूरी, दीपक यदुवंशी, मो. फैज सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नेताओं ने चेतावनी दी कि अन्यायपूर्ण फैसले के खिलाफ आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।