Dalit Girl Rape Case : चिराग पासवान की चिट्टी पर तेजस्वी यादव का सवाल, डॉक्टर अभिजीत को बताया आरएसएस का व्यक्ति
ब्यूरो।पटना।
मुजफ्फरपुर में बच्ची से रेप और उसके बाद पटना पीएमसीएच में उसकी मौत का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। एनडीए में शामिल चिराग पासवान ने भी अब नीतीश सरकार से रेपिस्ट सहित पीएमसीएच के डॉक्टर कर्मचारियों को भी अपराध की श्रेणी में रखकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग किया है। चिराग पासवान के इस प्रश्न पर तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान से पूछा है कि बिहार सरकार अगर आपकी चिट्टी का कोई जवाब नहीं देती है तो आप क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के नाते मैं प्रतिदिन सरकार को पत्र लिखता हूं। सरकार किसी का कोई जवाब नहीं देती? इसलिए चिराग पासवान को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सरकार आपके पत्र का कोई जवाब नहीं देती है या उसपर कोई कार्रवाई नहीं करती है तो आप क्या करेंगे? बता दें विपक्ष मुजफ्फरपुर में बच्ची से रेप और उसके बाद पटना पीएमसीएच में उसकी मौत के बाद आक्रोशित है। कांग्रेस पार्टी तो इस मुद्दे पर सड़क से लेकर राज्यपाल तक अपना अभियान तक चला रखा है।
चिराग ने चिट्टी में क्या लिखा है?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की ओर से लिखी गई चिट्ठी में लिखा गया है कि, “26 मई को मुजफ्फरपुर के करनी में 9 वर्षीय दलित बालिका के साथ गैंगरेप और फिर निस्संध हत्या का प्रयास की घटना संपूर्ण व्यवहार को जज को दिया है। यह घटना केवल मासूम की हत्या नहीं बल्कि हमारे राज्य की कानून व्यवस्था सामाजिक चेतना और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को भी उजागर करती है।” चिट्टी में उन्होंने आगे लिका है कि मेरे “पिता ने 6 दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष किया।

यह दुर्भाग्य है कि बच्ची को अस्पताल में भर्ती करने के लिए लगातार 6 घंटे तक एंबुलेंस में ही तड़पते हुए इंतजार करवाया गया।” चिराग पासवान ने आगे लिखा, “जिन दरिंदों ने मासूम के साथ रेप किया वह जितने दोषी हैं, उतने ही दोषी अस्पताल के डॉक्टर और प्रशासनिक स्टाफ भी हैं, जिन्होंने बच्ची को बचाने के लिए जरूरी उपचार देने के बजाय उसे एंबुलेंस में ही छोड़ दिया। यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि मानवता के विरुद्ध अपराध भी है।”
तेजस्वी ने चिराग पासवान से पूछे ये सवाल:
चिराग पासवान के इस पत्र पर नेताप्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री को यह बताना चाहिए कि बिहार सरकार उनकी चिट्टी पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। कोई जवाब नहीं देती है तो चिराग पासवान क्या करेंगे? तेजस्वी यादव ने सरकार कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएमसीएच के निदेशक डॉक्टर आईएस ठाकुर को बचाने के लिए डॉक्टर अभिजीत को बर्खास्त किया गया है। डॉक्टर अभिजीत को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरे पास एक चिट्ठी है जो कि 6 सितंबर 2022 की है। यह चिट्टी छापेमारी मिली थी। इसके बाद डॉक्टर अभिजीत को हटाया गया था। उनकी जगह पर डॉक्टर सरफराज को चार्ज दिया गया था। हम लोगों की सरकार जाने के तुरंत बाद मंगल पांडेय एक बार फिर से उन्हें ले आए. डॉक्टर अभिजीत RSS के व्यक्ति हैं।












