–चार श्रम संहिताओं के विरोध में मीनापुर में प्रदर्शन, राष्ट्रव्यापी हड़ताल को समर्थन
मुजफ्फरपुर/मीनापुर।संवाददाता।
एआईयूटीयूसी सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर घोषित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को मीनापुर प्रखंड मुख्यालय परिसर से एक जुलूस निकाला गया। जुलूस मुस्तफागंज बाजार होते हुए पुनः प्रखंड कार्यालय पहुंचा, जहां श्रमिकों ने धरना-प्रदर्शन कर चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
धरना सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) के जिला अध्यक्ष शिव कुमार यादव ने कहा कि नई श्रम संहिताओं से स्थायी रोजगार की व्यवस्था कमजोर होगी और ठेका, संविदा तथा अस्थायी रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट जैसी व्यवस्थाओं से मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा प्रभावित होगी तथा पीएफ, बोनस, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएँ कमजोर पड़ सकती हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिकों से हड़ताल में भाग लेकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

सभा की अध्यक्षता बिहार विद्यालय रसोईया यूनियन की प्रखंड कमिटी सदस्य सकीना खातून ने की। वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों के रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और संगठनात्मक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनएकजुटता आवश्यक है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग उठाई कि चारों श्रम संहिताएँ वापस ली जाएँ, आशा, आंगनबाड़ी एवं रसोइयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, ठेका व संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए तथा पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों ने “एआईयूटीयूसी जिंदाबाद”, “मजदूर एकता जिंदाबाद” और “मजदूर विरोधी नीतियाँ वापस लो” जैसे नारे लगाए।
कार्यक्रम में बिहार विद्यालय रसोईया यूनियन की रीना देवी, हुस्ना खातून, शकीला देवी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (AIKKMS) की ओर से पहलाद राय, चंदेश्वर राय, सचिन कुमार, सोनू मौर्या सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।












