चंपारण की खबर::
-चरस तस्करी मामले में दो महिला अभियुक्त को दस दस वर्षों के कारावास की सजा
मोतिहारी / राजन द्विवेदी।
नार्कोटिक्स एक्ट के विशेष न्यायाधीश सह चौदहवीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुर्यकांत तिवारी ने चरस तस्करी मामले में नामजद दो महिला अभियुक्त को दोषी पाते हुए दोनों को दस दस वर्षों के सश्रम करावास व प्रत्येक को एक एक लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए। अर्थ दंड नहीं देने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा नेपाल के सहतरी थाना के मनरखती निवासी नीलम देवी व नेपाल के ही बीरगंज गीतामंदिर रोड़ वार्ड न.8 निवासी लक्ष्मी देवी को हुई।

मामले में 26फरवरी 2018 को पनटोका के पास 47वीं एसएसबी जवानों ने गुप्त सूचना पर नेपाल से आते हुए रक्सौल पनटोका के पास संदेहास्पद स्थिति में दोनों महिला को रोक कर तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों के पास से 7.8 किलो चरस बरामद किया। दोनों को गिरफ्तार कर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पटना के निर्देश पर कंट्रोल ब्यूरो के एसके सिंह ने एनडीपीएस एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कराई। न्यायालय द्वारा आरोप गठित कर मामले की सुनवाई किया गया। अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक निर्मल कुमार ने दस गवाहों को प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। दोनों पक्षों का दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने उक्त फैसला सुनाया है।












