–ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित, महिलाओं व किसानों को मिली नई दिशा
राजापाकर। प्रखंड के बरुआ बहुआरा स्थित आगा खान संस्थान परिसर में ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जल-सफाई, कृषि, स्वास्थ्य, पोषण, स्वयं सहायता समूह और कौशल विकास जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
संस्थान के कर्मी जितेश कुमार ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में संस्थान द्वारा ग्रामीण विकास से जुड़े कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जल एवं स्वच्छता, गुड गवर्नेंस, कृषि सुधार, स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विशेष पहल की जा रही है।

उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह के तहत महिलाओं को संगठित कर बकरी पालन एवं मुर्गी पालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद संस्थान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराता है, जिससे महिलाओं को बकरी और मुर्गी खरीदने के साथ-साथ शेड निर्माण में भी सहयोग मिलता है। इससे गरीब और असहाय महिलाएं स्वरोजगार कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
कृषि क्षेत्र में भी किसानों को परंपरागत खेती छोड़ उन्नत एवं आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नई किस्म की सब्जियों और फसलों की खेती से कम लागत में अधिक आमदनी प्राप्त करने की तकनीक सिखाई जा रही है।
कौशल विकास कार्यक्रम के तहत शिक्षित बेरोजगार युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रशिक्षित नहीं युवाओं व छात्राओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की पहल की जा रही है।
कार्यशाला में संस्थान के पदाधिकारी एवं कर्मियों में जितेश कुमार, अभिषेक आनंद, शफक नाज, सविता कुमारी, साइ दास, रिचा गुप्ता, अमित कुमार, विपिन सिंह, अंगद कुमार आजाद सहित कई लोग मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम को ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।












