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गायघाट में आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों ने किया धरना प्रदर्शन

–गायघाट में आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों ने किया धरना प्रदर्शन

दीपक कुमार। गायघाट

मुजफ्फरपुर के गायघाट में आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय हड़ताल के तहत प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांगों में स्वयं को एनएचएम (NRHM) कर्मी घोषित करने और ₹21,000 का मासिक मानदेय देने की मांग शामिल है। यह हड़ताल AICCTU/महासंघ गोप गुट से संबद्ध बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ के आह्वान पर की गई है।

आज जिले के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में आशा फैसिलिटेटर और आशा वर्कर्स ने अपनी पेंडिंग मांगों को लेकर एक बड़ी धरना प्रदर्शन’ की। इस के दौरान वर्कर्स ने सरकार के रवैये के खिलाफ जोरदार नारे लगाए और अपनी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। रैली को संबोधित करते हुए आशा वर्कर्स यूनियन ने मिलकर कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

उनकी मुख्य मांग है कि आशा वर्कर्स और फैसिलिटेटर का मानदेय हर महीने की 7 तारीख तक उनके अकाउंट में जमा हो जाए। यूनियन नेताओं ने सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों का कोई सही समाधान नहीं निकाला तो 16 फरवरी को जिले में एक और बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स और आशा फैसिलिटेटर मौजूद थीं, जिन्होंने एकजुट होकर अपने हक के लिए लड़ने का फैसला किया।

प्रमुख मांगें और विवरण:
एनएचएम कर्मी का दर्जा: आशा और फैसिलिटेटरों को राज्य कर्मचारी/एनएचएम कर्मी माना जाए।
मासिक मानदेय: ₹21,000 मासिक मानदेय की मांग।
वेतन भुगतान: 6 महीने से बकाया मानदेय/वेतन के भुगतान की गारंटी।
अन्य मांगें: 4 लेबर कोड को वापस लेने की मांग।
बिहार सरकार ने जुलाई 2025 में प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह किया था, लेकिन आशा कार्यकर्ता इसे अपर्याप्त मानते हुए न्यूनतम 21,000 रुपये की मांग कर रही हैं।