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गड़बड़झाला :मुजफ्फरपुर के बन्दरा में डिज़िटल मीटर लगाने के नाम पर खानापूर्ति!

-बन्दरा में डिज़िटल मीटर लगाने के नाम पर खानापूर्ति

-सकरी मन गांव के एक वार्ड में डिज़िटल मीटर से बिलिंग,
-बाकी के 3 वार्डों में पुरानी मीटर से बिलिंग
-3 महीने पहले गांव में 2 दिन मीटर लगाने के बाद गायब हुआ कर्मी,अबतक लौटकर नहीं आया
-परेशान हैं गांव के उपभोक्ता
-गांव में 2 हाईटेंशन ट्रांसफार्मर से हो रही विद्युत आपूर्ति

मुुुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक कुमार तिवारी।

जिले के बन्दरा प्रखंड के मुन्नी बैंगरी पंचायत के सकरी मन गांव में विद्युत उपभोक्ताओं को डिजिटल मीटर लगाने के नाम पर खानापूर्ति से ग्रामीणों में परेशानी है।लोग इस बात से काफी नाराज भी हैं। गांव में तकरीबन हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के द्वारा विद्युत ऊर्जा का दैनिक खपत है। साथ में नजदीकी चौर के खेतों में भी वैध-अवैध रूप से बिजली जलाई जा रही है। तमाम उपभोक्ताओं को डिजिटल मीटर लगाने के नाम पर यहां खानापूर्ति की गई है।ग्रामीणों का बताना है कि गांव में चार वार्ड हैं। जिसमें सिर्फ वार्ड संख्या 11 में डिजिटल मीटर लगा दिए गए हैं, बाकी वार्ड क्षेत्र में डिजिटल मीटर नहीं लगाया गया है। बाकी वार्ड में डिजिटल मीटर लगाने के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का बताना है कि ऐसे में यहां अवैध किया जा रहा है और जानबूझकर डिज़िटल मीटर नहीं लगाए जा रहे हैं। बहरहाल एक ही गांव में जहां डिजिटल मीटर लगने के बाद एक वार्ड(11) के ग्रामीण उपभोक्ता जहां रिचार्ज सिस्टम के द्वारा बिजली जला रहे हैं, वहीं बाकी 3 वार्डों के उपभोक्ताओं को बिना डिजिटल मीटर के विद्युत सप्लाई की जा रही है। इसमें कई परिवारों के पास न पुरानी मीटर लगी हुई है और ना ही डिजिटल मीटर उनके घरों में लगी है। जबकि स्थानीय कर्मियों के मिली भगत से अवैध रूप से ऐसे परिवार धड़ल्ले से बिजली जला रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय विद्युत अधिकारी का बताना है की डिजिटल मीटर लगाने वाली एजेंसी की यह जिम्मेवारी है। यदि पूरे गांव में डिज़िटल मीटर नहीं लगाई गई है तो यह कंपनी की लापरवाही है।वहीं विभागीय सूत्रों का बताना है कि प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र हत्था एवं मुन्नी-बैंगरी पंचायत से बन्दरा प्रखण्ड क्षेत्र में डिजिटल मीटर लगाने के कार्यों की शुरुआत की गई थी। हत्था पंचायत में पहले डिजिटल मीटर लगाने का अभियान शुरू किया गया, हालांकि यहां भी सौ प्रतिशत घरों में डिजिटल मीटर नहीं लगाई जा सके हैं। वही मुन्नी-बैंगरी पंचायत में मुन्नी गांव से इसकी शुरुआत की गई।जिसके बाद सकरी मन गांव के एक वार्ड(11) में करीब 3 महीने पहले यह डिजिटल मीटर लगाया गया। उस वार्ड में भी 100प्रतिशत घरों में यह मीटर नहीं लग सका है। वहीं गांव के तीन अन्य वार्डों में डिजिटल मीटर लगाने का काम अभी बाकी है।

ग्रामीणों का बताना है कि कर्मियों के द्वारा दो दिन गांव में आकर विद्युत मीटर लगाया गया। जिसके बाद से गांव में कोई पलटकर मीटर लगाने या इसका हाल जानने नहीं आया है। पिछले 3 महीने से वे लोग लगातार डिजिटल मीटर लगाने की मांग कर रहे हैं।वहीं जिन लोगों को डिज़िटल मीटर लगे भी हैं,इनमें प्रायः लोग इसके ऑपरेटिंग सिस्टम को लेकर परेशान हैं। लेकिन स्थानीय विद्युत कर्मियों के द्वारा मामले में रिस्पांस लिया जा रहा है ना हीं कंपनी के प्रतिनिधि कहीं दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का बताना कि एक ही गांव में लोग विभागीय उपेक्षा एवं अनसूनी की वजह से परेशान हैं। विद्युत आपूर्ति एवं मासिक बिल भुगतान को लेकर भेदभाव के शिकार हैं। कुछ लोगों में इस बात को लेकर संशय की स्थिति है कि आखिर डिजिटल मीटर सही है या पुरानी मीटर ही सही थी। ग्रामीणों की शिकायत है कि नए एवं पुराने मीटर के बिलिंग में भी काफी अंतर है। बिल में तकरीबन दोगुना रुपए का अंतर दिखता है।वहीं पुराने मीटर वाले कम दामों में बिजली जला रहे हैं।जबकि बिना मीटर वाले दर्जनों परिवारों की चांदी कट रही है।