–कृषि विज्ञान केंद्र वैशाली में उत्साह के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
राजापाकर: वैशाली जिले के हरिहरपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर किसानों, महिला लाभार्थियों, वैज्ञानिकों तथा कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की कृषि में महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देना तथा पोषण वाटिका की स्थापना के माध्यम से पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के दौरान किसानों, विशेषकर महिला किसानों के बीच सब्जियों के बीजों का वितरण किया गया, ताकि वे अपने घरों में पोषण वाटिका स्थापित कर सकें। इस पहल का उद्देश्य परिवारों को ताजी और पौष्टिक सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कुपोषण को कम करना तथा ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को संबोधित करते हुए संतुलित पोषण, किचन गार्डन की उपयोगिता, महिला अनुकूल कृषि उपकरणों तथा कृषि विकास में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान के बारे में जानकारी दी। साथ ही किसानों को वितरित बीजों का सही उपयोग कर पोषण वाटिका विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में किसानों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और पोषण वाटिका अपनाने में अपनी रुचि व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि कृषि में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने से परिवार के स्वास्थ्य, आजीविका और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र वैशाली में आयोजित यह कार्यक्रम पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, महिला किसानों को प्रोत्साहित करने तथा ग्रामीण परिवारों में पोषण वाटिका की स्थापना को बढ़ावा देने की दिशा में सफल रहा।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली के सभी वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इनमें इंजीनियर कुमारी नम्रता (विषय विशेषज्ञ, कृषि अभियंत्रण), डॉ. कविता वर्मा (विषय विशेषज्ञ, गृह विज्ञान) तथा डॉ. जोना दाखो (विषय विशेषज्ञ, उद्यानिकी) शामिल थे। इसके अलावा केवीके वैशाली के कर्मचारी ऋचा श्रीवास्तव और रवि कुमार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।












