-आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान: “जब चचेरे भाई के 40 बच्चे हो सकते हैं, तो सनातनियों के 4 बच्चे क्यों नहीं”
नई दिल्ली।एजेंसी।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। अक्सर अपने तीखे और विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहने वाले आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने इस बार जनसंख्या और धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “जब चच्चे के 40 बच्चे हो सकते हैं, तो सनातनी के भी 4 बच्चे तो होने ही चाहिए।” उन्होंने दावा किया कि अगर हिंदू समाज 4 बच्चे नहीं करेगा, तो भविष्य में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
धर्मांतरण के मुद्दे पर सख्त रुख:
उन्होंने घोषणा की कि वे जल्द ही उन जगहों का दौरा करेंगे, जहाँ धर्मांतरण के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मुस्लिम समाज पर निशाना:
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने मुस्लिम समाज का नाम लेते हुए कहा कि कुछ समुदायों में 30-40 बच्चों की बात कही जाती है, तो हिंदुओं को भी अपनी संख्या बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
दिल्ली में हाल के दिनों हुए धमाकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं द्वारा इस तरह की घटनाएँ बताती हैं कि “वे अब बौखला गए हैं।”

उन्होंने कुछ धर्मगुरुओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को “आतंकवादी नहीं बल्कि अब्दुल कलाम बनाने की शिक्षा दें।”
उन्होंने कहा कि — “अगर आपके बच्चे अब्दुल कलाम बनेंगे, तो हम भी उन्हें सलाम करेंगे। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो एक दिन सबको बोरिया-बिस्तर बाँधकर लाहौर जाना पड़ेगा।”
राजनीति में आने से किया इनकार:
राजनीति में आने के सवाल पर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति में कोई रुचि नहीं है। वे केवल हिंदुत्व को मजबूत करना चाहते हैं और हर हिंदू के दिल में अपनी जगह बनाना चाहते हैं।
पाठ्यक्रम में गीता-रामायण जोड़ने की मांग:
उन्होंने देश के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में गीता और रामायण को जोड़ने की अपील की। उनके अनुसार, इससे युवाओं को सही दिशा मिलेगी और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान होगा।















