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आईजीआईएमएस में अब मरीजों को मिलेगी डिजिटल हेल्थकेयर की सुविधा

–आईजीआईएमएस में अब मरीजों को मिलेगी डिजिटल हेल्थकेयर की सुविधा

-अब इलाज होगा और भी सटीक, आईजीआईएमएस में एआई आधारित हेल्थकेयर सिस्टम लागू

-1200 बेड का मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल का हो रहा निर्माण
-दिसंबर महीने तक मरीजों के लिए सुविधा हो जायेगी बहाल
-डिजिटल बिहार स्वस्थ बिहार के जरिये पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा का होगा एक नेटवर्क

16 फरवरी, पटना।दीपक कुमार तिवारी।

राजधानी स्थित आइजीआईएमएस अस्पताल में मरीजों के बेहतर व सटीक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए एक और नयी सेवा की शुरूआत की जा रही है। जिसमें अब मरीजों के सटीक उपचार के लिए एआई आधारित जांच व इलाज व्यवस्था उपलब्ध करायी जायेगी। प्रदेश में लोगों के बेहतर इलाज के लिए पूरे बिहार में स्वास्थ्य सेवा का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में अत्याधुनिक हेल्थ केयर का निर्माण किया जा रहा है। इसकी जानकारी देते हुए अस्पताल के अधीक्षक मनीष मंडल ने कहा कि हाल ही में अस्पताल में 164 बेड का आई हॉस्पीटल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा मरीजों के लिए रॉबोटिक्स फिजियोथेरेपी को शुरू किया गया है। साथ ही रॉबोटिक्स से जनरल सर्जरी, यूको सर्जरी, ऑनको सर्जरी, गाइनी सर्जरी समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

1200 बेड का मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल का हो रहा निर्माण
वहीं राजधानी के प्रमुख अस्पतालों में से एक इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में 1200 बेड का मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। उम्मीद है कि इसी साल दिसंबर महीने से इस मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल की शुरूआत कर दी जायेगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि निर्माणाधीन अस्पताल में अत्याधुनिक आइसीयू व इमरजेंसी सुविधाओं को उपलब्ध होगी। जिससे उपचार मरीजों को बेहतर व उन्नत उपचार मिल सकेगा।

बता दें कि इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान आईजीआईएमएस में वर्तमान में लगभग 1500 से 1700 बेड की सुविधा उपलब्ध है। हाल ही में 500 बेड वाले नए अस्पताल भवन का उद्घाटन किया गया है। इसमें फिलहाल 100 बेड पर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है, जबकि शेष 400 बेड को भी जल्द ही चालू करने की तैयारी की जा रही है। इससे मरीजों को सभी प्रकार की चिकित्सीय सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी।