स्पॉट: बन्दरा में अब जीविका दीदियों ने बढ़ाया मुर्गीपालन स्वरोजगार में कदम

-बन्दरा में अब जीविका दीदियों ने बढ़ाया मुर्गीपालन स्वरोजगार में कदम

बंदरा।दीपक कुमार तिवारी।

प्रखंड क्षेत्र की महिलाएं जीविका से जुड़कर आर्थिक सशक्तिकरण की नई गथा गढ़ रही है। खुद की सशक्तिकरण के साथ-साथ समाज की तस्वीर भी बदल रही है।यहां की जीविका दीदी अपनी आजीविका के लिए मुर्गीपालन, बकरी पालन, सब्जी उत्पादन, किराना दूकान, भुजा दूकान सिलाई-कढ़ाई आदि कर स्वावलंबन बन रही है। इसी क्रम में मंगलवार को समेकित मुर्गी विकास योजना के तहत बंदरा प्रखंड में प्रतिज्ञा संकुल संघ के दीदियों को माला मदर यूनिट में मुर्गी का 4100 चूजा दिया गया है।इससे 180 जीविका दीदियां लाभान्वित होगी।जीविका के बीपीएम राकेश कुमार ने बताया कि इन चूजों का सारा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

दीदियों को दवा वैक्सीन एवं मदर यूनिट के मेंटनेंस आदि के खर्च के लिए मात्र 10 रूपया प्रति चूजा लगेगा। यह चूजा 28 दिनों में लगभग पाँच सौ ग्राम वजन का हो जाने के उपरांत जीविका दीदी को दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए पूर्व में जीविका दीदी की माइक्रोप्लानिंग की जाती है। साथ ही जीविका दीदियों के द्वारा मुर्गीपालन हेतु खुद से केज का निर्माण किया जाना होता है। उन्होंने बताया कि केज बनाए जाने के उपरांत प्रत्येक दीदी के खाता में 1000 रूपये डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा।

यह है उद्देश्य:

प्रखंड परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया मुर्गीपालन का उद्देश्य जीविका दीदियों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है। जीविका दीदियों को स्थायी व निश्चित आमदनी के लिए स्वरोजगार की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। जिसके तहत कई दीदियाँ जीविका संगठन से आर्थिक सहयोग लेकर किराना स्टोर ,सब्जी दूकान, भुजा दूकान, सिलाई – कटाई ,परचुन दूकान, मधु मक्खीपालन व राजमिस्त्री आदि कार्य कर रही है। आगे भी जीविका संगठन की ओर से हर संभव मदद दिया जाएगा। कार्यक्रम को गति देने के लिए प्रखंड स्तर पर क्षेत्रीय समन्वयक राजीव कुमार, सामुदायिक समन्वयक सुनील कुमार, नेहा कुमारी, प्रीति सिंह , रीना कुमारी और संकुल संघ स्तरीय कैडर के सहयोग से स्वरोजगार हेतु जीविका दीदी को प्रेरित किया जा रहा है।

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