विस में घमासानः सत्ता पक्ष के 9 विधायकों ने बीजेपी को दंगाई तक कहा, भाजपा की तरफ से ‘नेता प्रतिपक्ष’ के अलावे किसी को बोलने का नहीं मौका

-विस में घमासानः सत्ता पक्ष के 9 विधायकों ने बीजेपी को दंगाई तक कहा, भाजपा की तरफ से ‘नेता प्रतिपक्ष’ के अलावे किसी को बोलने का नहीं मौका

सम्वाददाता। पटना।

बिहार विधानसभा में आज भारी हंगामा हुआ। रामनवमी के मौके पर कई जिलों में हुए उपद्रव-दंगा को लेकर सत्ता पक्ष व विपक्षी सदस्य भिड़ गए. प्रश्नकाल जैसे ही शुरू हुआ नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने यह मामला उठाया. उन्होंने कहा कि कई जिलों में रामनवमी जुलूस पर पत्थरबाजी की गई,बम फेके गए व हिंसा किया गया. नीतीश सरकार अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है. इसके बाद सत्ता पक्ष व विपक्ष आमने-सामने हो गया. फिर स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष को रोक कर सत्ताधारी दल के नेताओं को बोलने का मौका दे दिया. विपक्ष की तरफ से जहां सिर्फ एक नेता बोले वहीं सत्ता पक्ष की तरफ से अनेक सदस्यों को बोलने का मौका मिल गया. इस दौरान विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा भी किया।
स्पीकर ने सत्ता पक्ष की तरफ से पहले माले विधायक महबूब आलम को बोलने को कहा.माले विधायक ने सदन में भाजपा-आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाये. साथ ही रामनवमी जुलूस में हुए उपद्रव के लिए बजरंग दल और आरएसएस को जिम्मेदार बता दिया . उन्होंने सरकार से आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी. विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान को मौका दिया. कांग्रेस विधायक ने भी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाये और दंगाई पार्टी बताया. बिहार में हुए हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया. फिर इस्लामपुर के राजद विधायक राकेश रौशन को मौका मिला. इन्होंने भी भाजपा पर जमकर प्रहार किया. स्पीकर इतने से नहीं रूके. सासाराम के विधायक को भी बोलने का मौका दिया. फिर सूर्यकांत पासवान ने कई जिलों में हुई हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया. भाकपा माले के सत्यदेव राम के अलावे भाकपा के अजय कुमार, राजद के अख्तरूल ईमान, एआईएमआईएम के अख्तरूल ईमाम ने भी भाजपा को घेरने का कोई मौका नहीं गंवाया।


बिहार विधानसभा में जहां नेता प्रतिपक्ष ने कई जिलों में हुए उपद्रव-दंगा को लेकर जहां नीतीश सरकार को कटघरे में खड़ा किया. स्पीकर ने उन्हें 2 मिनट का अवसर दिया. लेकिन सत्ता पक्ष की तरफ से आधे दर्जन सदस्यों को बुलवाया. सत्ता पक्ष ने जहां भाजपा को दंगाई करार दिया. सत्ता पक्ष की बात जहां सदन की कार्यवाही का हिस्सा बना. वहीं भाजपा सदस्य वेल में पहुंचर नारेबाजी करते रहे. लिहाजा नेता प्रतिपक्ष की बात के सिवाय दूसरी कोई भी बात सदन की प्रोसिडिंग का पार्ट नहीं बन सका. सत्ता पक्ष की तरफ से कई विधायकों ने अपनी बात रख ली और सत्ता पक्ष व विपक्षी सदस्यों के बीच विवाद बढ़ने लगा तो स्पीकर ने दोपहर 2 बजे तक सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।

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