Advertisement

राजापाकर में पशुपालन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, 80 प्रगतिशील महिला किसानों को दी जा रही जानकारी

-राजापाकर में पशुपालन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, 80 प्रगतिशील महिला किसानों को दी जा रही जानकारी

राजापाकर/वैशाली, संजय श्रीवास्तव:
राजापाकर प्रखंड के बसरा स्थित किसान भवन कार्यालय परिसर में कृषि विभाग द्वारा पशुपालन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में 80 प्रगतिशील महिला किसानों को पशुपालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और देखभाल के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार, बीडीओ सूर्य प्रताप सिंह, राजस्व पदाधिकारी जुली कुमारी, प्रभारी कृषि पदाधिकारी बीपत कुमार, बैद्यनाथपुर की पशु चिकित्सक अदिती कुमारी, राजापाकर के पशु चिकित्सक डॉ. गणेश शंकर विद्यार्थी, आत्मा अध्यक्ष वीरचंद्र सिंह, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक रौनी कुमार तथा लेखपाल नितेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पशुपालन की आधुनिक तकनीक, पशुओं के रखरखाव और बेहतर नस्ल के चयन के बारे में विस्तार से बताया गया। पशु चिकित्सक अदिती कुमारी ने कहा कि देश के लगभग 70 प्रतिशत किसान खेती पर निर्भर हैं और पशुपालन उनके लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने बताया कि अच्छी नस्ल की गाय-भैंस का चयन कर किसान बेहतर लाभ कमा सकते हैं।


उन्होंने पशुओं को समय-समय पर मिनरल मिक्सचर, कृमिनाशक दवा, कैल्शियम और लिवर टॉनिक देने की सलाह दी, जिससे पशुओं में भूख की कमी या बांझपन जैसी समस्याएं नहीं होती हैं। इसके साथ ही पशुओं को हरा चारा देने और आसपास के खेतों में चराने की भी सलाह दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान पशुओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों और उनके बचाव के उपायों की भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि पशुओं के रहने के स्थान पर समय-समय पर पानी में फिनायल मिलाकर छिड़काव करना चाहिए, ताकि वे रोग मुक्त रहें। वहीं, यदि पशुओं के पैरों में संक्रमण हो जाए तो गर्म पानी में फिटकरी मिलाकर धुलाई करने से उन्हें राहत मिलती है।
कार्यक्रम में चयनित सभी 80 महिला प्रगतिशील किसान उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण के दूसरे दिन बकरी पालन और मुर्गी पालन विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।