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राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के बावजूद नहीं रुकेगा जनता का काम: उपमुख्यमंत्री

-राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के बावजूद नहीं रुकेगा जनता का काम: उपमुख्यमंत्री

*हड़ताल के बावजूद राजस्व सेवाएं जारी रखने का निर्देश*

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*- दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसी सेवाओं के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था*
*- बीडीओ और पंचायत सचिव को सौंपी गई जिम्मेदारी*
*- अपर समाहर्ता (राजस्व) एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता भी रखेंगे निगरानी*

*पटना, 12 मार्च।*
राज्य में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बावजूद आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने व्यापक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है। उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और जमीन से जुड़े आवश्यक कार्य नियमित रूप से चलते रहें।

उन्होंने बताया कि हड़ताल की स्थिति में भी विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के कार्य पंचायत सचिवों को तथा अंचलाधिकारियों के कार्य जहां के राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं वहां प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सौंपे गए हैं, ताकि आम नागरिकों को सेवाएं समय पर मिलती रहें। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में भूमि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं और बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं। इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

*बीडीओ और पंचायत सचिव को सौंपी जिम्मेदारी*
उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन के लिए विशेष डिजिटल मॉड्यूल तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है। इन मॉड्यूल में कार्य करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी और कर्मी बिना किसी भ्रम के कार्य कर सकें। श्री सिन्हा ने कहा कि यह मॉड्यूल दो रूपों में उपलब्ध कराया गया है, एक वीडियो फॉर्मेट में, जिसमें चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया दिखाई गई है, और दूसरा विस्तृत लिखित निर्देशों के रूप में, जिससे अधिकारी–कर्मचारी आवश्यकता पड़ने पर उसे देखकर कार्य कर सकें। इससे नए दायित्व निभा रहे पंचायत सचिवों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कार्य निष्पादन में आसानी होगी। इस दौरान किसी भी समस्या के समाधान के लिए सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता (राजस्व) को विशेष रूप से निगरानी समेत कार्य में मदद करने का निर्देश दिया गया है।
*हड़ताल के बीच राजस्व सेवाएं जारी रखने के निर्देश*
उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की पूरी निगरानी राज्य स्तर से की जा रही है और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करें। यदि कहीं कोई समस्या आती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख राजस्व प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। हड़ताल जैसी परिस्थितियों में भी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम नागरिकों के जमीन से जुड़े कार्य बिना रुकावट जारी रहें और लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।