संवाददाता । दरभंगा।
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राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर लगभग 1000 किमी की पृथ्वी अधिकार यात्रा हुई सम्पन्न
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रमज़ान के रोज़ा के साथ-साथ चल रही थी यह साइकिल यात्रा
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वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी के अध्यक्ष, लेखक व पृथ्वी अधिकार कार्यकर्ता डॉ. जावैद अब्दुल्लाह द्वारा आरम्भ हुई लगभग 1000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा (पृथ्वी अधिकार यात्रा-प्रकृति अधिकार यात्रा) भारतमाता मन्दिर वाराणसी से प्रस्थान करके 18 दिनों में 2 राज्यों (उत्तर प्रदेश, हरियाणा) और 12 जनपदों वाराणसी, भदोही (गोपीगंज), प्रयागराज, कौशाम्बी (सैनी), फ़तहपुर, कानपुर (अकबरपुर), औरया, इटावा, (शिकोहाबाद) आगरा, मथुरा (कोसी), पलवल, फ़रीदाबाद से होकर जगह-जगह जन संवाद स्थापित करते हुए (विश्व जल दिवस) 22 मार्च 2024 को राजधानी दिल्ली में नए संसद भवन पर सम्पन्न हुई । पूरी यात्रा के दौरान लोगों का पूर्ण समर्थन एवं सहयोग प्राप्त हुआ । यात्रा समापन के बाद डॉ. जावैद अब्दुल्लाह राष्ट्रपति भवन गये और राष्ट्रपति सचिवालय में अपना ज्ञापन दिया । रमज़ान के रोज़ा के साथ-साथ चली इस यात्रा का अनुभव साझा करते हुए डॉ. अब्दुल्लाह ने बताया कि यात्रा में सब कुछ शानदार रहा लेकिन रोज़ा या उपवास के साथ चलने की सलाह मैं नहीं दूँगा, विशेषकर गर्मी के दिनों में ऐसा करना बेहद कठिन हो सकता है । ज्ञात हो कि राष्ट्रपति महोदया श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के नाम सौंपे अपने ज्ञापन में इस यात्रा की चर्चा के साथ पृथ्वी ग्रह को संविधान कि प्रस्तावना में शामिल करने की बात प्रस्तावित है, वहीं
इस विषय पर आगे कुछ वर्षों में होने वाले एक वैश्विक मार्च के आयोजन पर भारत सरकार का पूर्ण सहयोग और समर्थन प्राप्त करने की इच्छा प्रकट की । डब्ल्यूएनडी के जनसम्पर्क पदाधिकारी मनीष त्रिगुणायत ने प्रेसनोट जारी करते हुए आगे की योजना पर बताया कि अगले कुछ महीनो में दोनों सदन के सांसदों को इस बारे में रेज़ोल्यूशन प्रेषित किया जायेगा ।

इस अवसर पर डब्ल्यूएनडी की सदस्या आतिका महजबीं, हलीमा, प्रो. विद्यानाथ झा, बृजेश असीम, अजय सहाय, अजीत कुमार मिश्र, इन्दिरा कुमारी, चन्द्रदेव यादव, डॉ. अरविन्द त्रिपाठी, प्रो. विपिन कुमार त्रिपाठी, डॉ. आशुतोष व्यास, भारत विकास अभियान के महासचिव संजय शास्त्री, सहोदय के संस्थापक अनिल कुमार, रेखा कुमारी, नई दिल्ली राष्ट्रीय गाँधी संग्रहालय के सह-निदेशक उत्तम सिंह एवं अजय, अंसार अली, मुहम्मद इक़बाल, फ़ज़ल-ए-हक़ आदि ने बधाईयाँ दीं ।












