-मोतिहारी वाणिज्य कर जीएसटी कलेक्शन में तिरहुत प्रमंडल में आया अव्वल
-वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20 प्रतिशत की हुई रिकॉर्ड वृद्धि, बनाया बड़ा कीर्तिमान, 377 करोड़ जीएसटी कलेक्शन
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
वाणिज्य-कर विभाग, मोतिहारी अंचल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 377 करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है, जो न केवल विभाग की कार्यक्षमता को दर्शाती है, बल्कि करदाताओं की बढ़ती जागरूकता और सहयोग का भी परिणाम है। राज्य-कर संयुक्त आयुक्त (प्रभारी) संतोष कुमार ने बताया कि इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के आधार पर मोतिहारी अंचल ने तिरहुत प्रमंडल में प्रथम स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी रेट रेशनलाइजेशन के बावजूद इस स्तर की वृद्धि हासिल करना विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय मोतिहारी के सम्मानित अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स कंसल्टेंट्स और करदाताओं को देते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयास से यह संभव हो पाया है। विभागीय पदाधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, अनुशासन और मेहनत भी इस उपलब्धि के पीछे प्रमुख कारण रही है। उन्होंने ने बताया कि कर संग्रह बढ़ाने के लिए विभाग ने वर्ष भर कई स्तरों पर सघन अभियान चलाए। इसमें व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण, सड़कों पर चलंत वाहनों की चेकिंग, संदिग्ध लेन-देन की निगरानी तथा कर चोरी पर सख्त कार्रवाई शामिल रही। इसके अलावा समय पर जीएसटी रिटर्न, जीएसटी रिटर्न कराने और कर भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए करदाताओं के साथ निरंतर संवाद स्थापित किया गया।

साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि विभाग द्वारा अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स कंसल्टेंट्स एवं विभिन्न व्यापारिक संगठनों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की गईं, जिससे करदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सका और कर अनुपालन में सुधार आया। मुख्यालय से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई की गई, जिससे कर संग्रहण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनी। राज्य कर संयुक्त आयुक्त (प्रभारी) संतोष कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि केवल विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझी सफलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी मोतिहारी अंचल इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कर के रूप में प्राप्त यह राशि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। इससे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी, जिससे बिहार के समग्र विकास को मजबूती मिलेगी और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।











