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महिला आरक्षण पर घमासान: पीएम मोदी ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला, महिलाओं से मांगी माफी

-महिला आरक्षण पर घमासान: पीएम मोदी ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला, महिलाओं से मांगी माफी

नई दिल्ली:नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित करते हुए एक ओर अपनी सरकार की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं को सामने रखा, तो दूसरी ओर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष पर जोरदार निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने संसद में विधेयक के पारित न हो पाने पर देश की महिलाओं से क्षमा भी मांगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज पूरे देश ने देखा कि महिलाओं की प्रगति कैसे रुक गई। हमारे तमाम प्रयासों के बावजूद हम सफल नहीं हो सके। इसके लिए मैं देश की सभी माताओं और बहनों से क्षमा मांगता हूं।” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने मिलकर इस प्रयास को विफल कर दिया।
पीएम मोदी ने विशेष रूप से Indian National Congress समेत Trinamool Congress, Samajwadi Party और Dravida Munnetra Kazhagam पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों ने “नारी शक्ति वंदन संशोधन” की भ्रूण हत्या की है और वे देश की नारी शक्ति के गुनहगार हैं।


अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि “नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती। संसद में विपक्ष के व्यवहार की कसक हर महिला के मन में रहेगी।” उन्होंने विपक्ष पर संविधान निर्माताओं की भावना के अपमान का भी आरोप लगाया और कहा कि जनता उन्हें इसका जवाब देगी।
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन किसी से अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं को उनका हक देने के लिए था, जो पिछले 40 वर्षों से लंबित था। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य 2029 तक महिलाओं के लिए राजनीतिक रास्ते को आसान बनाना था।
परिसीमन के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने विपक्ष को घेरा और कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल झूठ फैलाकर समाज में विभाजन की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व में कमी नहीं होगी और सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ाई जाएंगी।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि 21वीं सदी की महिलाएं सब देख और समझ रही हैं। “महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को उनके इस कदम की सजा जरूर मिलेगी,” उन्होंने कहा।
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कांग्रेस अपनी पुरानी गलतियों से सबक लेगी, लेकिन उसने महिलाओं के समर्थन में खड़े होने का अवसर गंवा दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं से जुड़े प्रस्ताव के गिरने पर विपक्षी नेताओं ने खुशी मनाई, जो महिलाओं के आत्मसम्मान पर सीधा आघात है।